समाधान: बड़ी से बड़ी समस्या को सुलझाना है तो अपनाएं ये तरीका

समाधान: बड़ी से बड़ी समस्या को सुलझाना है तो अपनाएं ये तरीका

किसी विचारक ने कहा है कि किसी भी समस्या से संवाद का विकल्प हमेशा खुला रखें ताकि जब भी संभव हो समाधान का एक रास्ता खुला रहे। संवाद से बड़े से बड़ा हल निकाला जाता है। किसी गांव में एक भेड़िए का बड़ा आतंक था। अक्सर भेड़िया लोगों को अपना शिकार बनाता और मौका देखते ही गांव के बच्चों को लेकर जंगल में भाग जाता था। गांव के लोग उस भेड़िए से बहुत खौफजदा रहते थे। तभी उस गांव में एक बड़े संत का आगमन हुआ जिनकी बड़ी ख्याति थी। उनके बारे में यह बात प्रचलित थी कि वे किसी भी पशु-पक्षी से उसकी भाषा में बात कर सकते थे। गांव वालों ने भेड़िए से संबंधित सभी बातें उनको बताईं। संत ने भेड़िए का सामना करने की योजना बनाई और एक दिन वह जंगल की ओर चल पड़े। गांव के कई लोग डरते-डरते उनके पीछे चल रहे थे। तभी सामने वह भेड़िया नजर आया।
संत और भेड़िए की नजर मिली। वह संत की तरफ दौड़ कर आने लगा, तभी संत ने कुछ कहा और भेड़िया वहीं शांति से खड़ा हो गया। उन्होंने भेड़िए से उसकी ही भाषा में कहा, ‘तुमने इस गांव का बहुत नुक्सान कर दिया, यहां के लोग तुमसे बेहद डरे हुए हैं। यदि तुमको अगला जन्म मनुष्य का या मोक्ष चाहिए तो तुमको इन हरकतों को तत्काल बंद करना होगा।’
यह सुनकर भेड़िया बोला, ‘गांव वालों ने मेरे बच्चे को बिना किसी गलती के मार दिया और गांव वाले मुझे शांति से गांव में रहने भी नहीं देते।’
संत ने कहा, ‘तुम्हारी एक जान के बदले तुमने इनकी कई जानें लीं। अभी भी समय है, मैं तुमसे एक अंतिम संवाद करने आया हूं, सुधर जाओ।
यह सुन भेड़िया संत के पास आ गया और उनके चरण में नतमस्तक होकर बैठ गया। संत ने कहा कि तुम अब वायदा करो कि आगे से कभी किसी को हानि नहीं पहुंचाओगे, तब तुमको गांव वाले भी शांति से रहने देंगे। भेड़िए ने कहा कि मैं आज के बाद जीवन भर इस गांव के प्रहरी के रूप में काम करने की प्रतिज्ञा करता हूं। संत ने उसे गांव में प्रवेश की इजाजत दे दी। उसके बाद उस भेड़िए ने कभी भी गांव में कोई नुक्सान नहीं किया और कुछ ही समय में वह वहां का चहेता बन गया।
कुछ वर्ष बाद जब उसकी मृत्यु हुई तो गांव के हर व्यक्ति की आंखों में आंसू थे, मानो उनका अपना कोई इस दुनिया को छोड़कर चला गया हो। एक अमरीकी विचारक ने कहा कि हमारी जिन्दगी की 90 फीसदी शिकायतें दूर हो जाएं, यदि लोग एक-दूसरे के बारे में बोलने की बजाय एक-दूसरे से बोलना शुरू कर दें। यदि इस बात को हम समझ पाए तो न केवल हमारा जीवन समस्या मुक्त होगा बल्कि हमारी छवि एक विनम्र इंसान की होते देर नहीं लगेगी।

Previous Shivratri : इन चीजों से करें शिवलिंग का अभिषेक
Next लड्डू खाने लगी जब गोपीनाथ जी की मूर्ति

About author

You might also like

धर्म/अध्यात्म 0 Comments

अपने पुत्रों को ही नदी में बहाया था गंगा ने

हिन्दू धर्म में गंगा को सबसे पूजनीय नदी माना गया है। गंगा के संबंध में अनेक पुराणों में कई कथाएं पढ़ने को मिलती है। महाभारत के सबसे प्रमुख पात्र भीष्म

ब्रेकिंग 0 Comments

5 अप्रैल को दो शुभ तिथियों का संगम

5 अप्रैल को नवरात्र में पड़ने वाली नवमी तिथि है। इस रोज मां दुर्गा के नवम स्वरूप मां सिद्धिदात्री के पूजन का विधान है। मान्यता है की यह मां सरस्वती

धर्म/अध्यात्म 0 Comments

हिंदू नव संवत्सर 2074 आज से शुरू : जानें विक्रम संवत की रोचक कहानी

नई दिल्ली : भारतीय हिन्‍दू कैलेंडर विक्रम संवत बहुत ही प्राचीन संवत है। इस पंचांग में हर प्रकार के ग्रहों की गणना की गई है। विक्रम संवत’ का प्रणेता सम्राट

धर्म/अध्यात्म 0 Comments

वनवास काल में महाराज युधिष्ठिर को श्री कृष्ण ने दी राम नाम की दीक्षा

जब युधिष्ठुर अपनी माता और भाइयों को साथ लिए वनवास कर रहे थे, तब उन्हें देखने के लिए श्री कृष्ण जी वन में गये। वहाँ पाण्डवों ने बड़े प्रेम से

छत्तीसगढ़ 0 Comments

धूमधाम से मनी हनुमान जयंती

रायपुर : राजधानी रायपुर में मंगलवार को हनुमान जयंती श्रद्धा भक्ति के साथ मनाई गई | शहर के मंदिरों में हनुमानलला के जयकारे गूंजते रहे | ब्रम्ह मुहूर्त में भगवान

धर्म/अध्यात्म 0 Comments

बुद्ध पूर्णिमा आज: 297 साल बाद बन रहा बुधादित्य योग

इस बार बुद्ध पूर्णिमा पर 297 साल बाद बुधादित्य योग का महासंयोग बन रहा है. यह संयोग स्नान, दान-पुण्य और खरीदी के लिए शुभ है. यह महासंयोग 10 मई बैसाख

0 Comments

No Comments Yet!

You can be first to comment this post!