सुकमा एसपी एलेसेला के खिलाफ हो एफआईआर : गैदू

सुकमा एसपी एलेसेला के खिलाफ हो एफआईआर : गैदू

चैम्बर अध्यक्ष की चाटुकारिता का नतीजा अधिकारी बेलगाम
कल्लूरी और दाश के बलौदाबाजार प्रवास की हो जांच

जगदलपुर(अनुराग शुक्ला): सुकमा के एसपी एलेसेला के मानवअधिकार संगठन और अधिवक्ता पेशे से जुड़े लोगो को कुचल दिए जाने के बयान के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर पलटवार किया है। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव मलकीत सिंह गैदू ने कहा है कि भले ही सरकार ने प्रशासनिक अधिकारी के बेलगाम बयान के बाद उनका तबादला किया है लेकिन यह नाकाफी है। वैधानिक तौर पर सुकमा एसपी के बयान के आधार पर सरकार अपनी जांच के अलवा प्रथम दृ़ष्टया एफआईआर कायम करे। गैदू ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी जिस तरह से निरंकुश हो रहे हैं इसमें बड़ा योगदान ऐसे लोगो का भी है जो मंच पर अतिथि बनकर ऐसे बेतुके बातों का समर्थन ताली बजाकर करते हैं। गैदू का इशारा चैम्बर के अध्यक्ष ऋषि हेमाणी की ओर था। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की चाटुकारिता में चैम्बर के अध्यक्ष अपनी गरीमा को भूल कर न सिर्फ अधिकारियों को प्रशय देने का काम किया बल्कि ऐसा माना जाए कि उनके प्रशय के बाद ही सुकमा एसपी अपनी सीमाओं को लांघते चले गए। गैदू ने बताया कि दो मार्च को वो और कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी आटोमोबाइल में नई वाहन के लॉंचिंग कार्यक्रम में शामिल थे। इस दौरान जब सुकमा एसपी ने मानवअधिकार कार्यकर्ताओं को कुचलने की बात कही तो इस कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि मौके पर मौजूद चैम्बर अध्यक्ष ऋषि हेमाणी ने तालियों से अधिकारी का अभिवादन किया। यही नहीं गैदू ने इस बात को लेकर भी सवाल उठाया कि जब तीन मार्च को जगदलपुर एसपी आरएन दाश का तबदाला हुआ तो शाम को पौने आठ बजे इसकी सूचना आई। उन्होंने कहा है कि जब अधिकारी का तबादला आदेश आता है और इसके दो घण्टे बाद ही वो बलौदाबाजार में पूर्व आईजी एसआरपी कल्लूरी के साथ पहुंचते हैं और फिर रात बारह बजे वापस भी लौटते हैं ये कैसे संभव है। जानकारियों का हवाला देते उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि इस प्रवास के लिए सरकारी हेलीकाप्टर के उपयोग किए जाने की बात सामने आ रही है। गैदू ने सवाल किया है कि यदि बस्तर में तीन मार्च को कोई नक्सल ऑपरेशन था या फिर किसी अन्य आवश्यक कार्य के लिए हेलीकाप्टर का उपयोग किया गया है तो इसकी जानकारी मुहैय्या करवाई जाए। यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि एसपी किसी अनुमति के बाद बलौदाबाजार गए। यदि यह तथ्य सही होकर सामने आते हैं इसपर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।

किसके इशारे पर जवानों ने जलाया पुतला
गैदू ने सीधे तौर पर यह सवाल किया है कि मानवअधिकार कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों के पुतलों को पुलिस के डीआरजी के जवानों और अन्य जवानों ने संभाग मुख्यालय सहित अन्य इलाकों में जलाया था। इस बात को लेकर सरकार ने सख्त तेवर दिखाए थे। जांच का आश्वासन भी मिला था लेकिन अब तक मामला ठंउे बस्ते में है। जांच रिपोर्ट का खुलासा होना चाहिए और जनता के सामने यह बात आना चाहिए कि किसके इशारे पर जवानों ने पुतला दहन की कार्रवाई थी। अब तक इस मामले मेें कोई सुनवाई नहीं हुई है।

नोटबंदी के दौरान व्यापारियों पर बनाया दबाव
पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कार्यकारी अध्यक्ष राजीव शर्मा ने बताया कि नोटबंदी के दौरान कांग्रेस ने प्रदेश व्यापी आंदोलन किया था। सरकार के खिलाफ इस उग्र आंदोलन की कांग्रेसियों ने जैसे ही शुरूवात की पुलिस ने कांग्रेसियों को थाने का रास्ता दिखाया। इसके बाद जो व्यापारी अपनी दुकानें बंद भी रखना चाहते थे उसे भी पुलिस और प्रशासन के दबाव में खुलवाया गया। ऐसा किया जाना इस बात को दर्शाताा है कि चैम्बर की गतिविधियां सरकार के इशारे पर चल रही है। व्यापारी हित से उठकर अब अपने रसूक को बनाने के लिए व्यापारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। चैम्बर अध्यक्ष ऋषि हेमाणी पर व्यापारी हित के दौरान अपने स्वार्थ को सिद्ध करने का आरोप लगाते कार्यकारी अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि चाहे वो मेन रोड का मसला हो या फिर एयरपोर्ट का या दलपत सागर का या फिर नोटबंदी का कही भी व्यापारियों के हित में कार्य नहीं हो रहा है। हालांकि कांग्रेस के साथ जिस तरह से भेदभाव पूर्ण रवैय्या सरकारी दबाव में आकर अपनाया गया इसके बावजूद भी कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने व्यापारियों से चैम्बर में जाकर चर्चा की और उनकी बातों को सुना ।

अपने दायित्व निभाएं
कांग्रेस के पास चेहरों के अभाव की बात पर पूछे गए सवाल के जवाब में कार्यकारी अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि 130 साल पुरानी पार्टी को क्या करना है और क्या नहीं इसके लिए सोचने वाले राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बैठे हैं। वे जो निर्णय लेंगे वो सर्वमान्य होगा। हालांकि कांग्रेस की चिंता करने से ज्यादा ऐसी बातों को करने वालों को फिलहाल अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन करना चाहिए। जिससे व्यापारियों का हित साबित हो सके।

गौतम पर कार्रवाई का जिम्मा दंतेवाड़ा जिले का
कांग्रेस से बगावत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में भेदभाव किए जाने के सवाल पर नेता द्वेय ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशंसा पर संपत झा और सुब्बा राव के खिलाफ छह साल के निष्काशन की कार्रवाई तय की गई है। हालांकि अवधेश गौतम के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं किए जाने की बात पर यह स्पष्ट किया गया कि वे दंतेवाड़ा जिले के हैं और उनके खिलाफ किसी तरह की शिकायत का अधिकार जिले के अध्यक्ष को है। जिले से शिकायत जाने पर ही प्रदेश कांग्रेस आगे की कार्रवाई निर्धारित करेगी।

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