मध्यप्रदेश: कर्मचारियों का घटेगा तीन फीसदी डीए

मध्यप्रदेश: कर्मचारियों का घटेगा तीन फीसदी डीए

भोपाल. मध्यप्रदेश के पांच लाख से ज्यादा अधिकारियों-कर्मचारियों को सात प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाए जाने से मिली खुशी जल्द की कम हो सकती है. सरकार इस वृद्धि को करीब तीन फीसदी घटाने पर विचार कर रही है. दरअसल, केंद्र ने छठवां वेतनमान प्राप्त कर रहे कर्मचारियों के लिए चार प्रतिशत डीए एक जनवरी 2017 से बढ़ाया है.

इस हिसाब से प्रदेश मेें भी डीए 132 फीसदी से बढ़कर 136 प्रतिशत होना था लेकिन ये 139 फीसदी हो गया. अब इस गलती को सुधारने के लिए पूरे मामले का परीक्षण किया जा रहा है. वित्त मंत्री जयंत मलैया ने डीए बढ़ाने में हुई गड़बड़ी की पुष्टि की है.

नौ मई को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में वित्त विभाग के प्रस्ताव पर प्रदेश के नियमित पांच लाख से ज्यादा कर्मचारियों के साथ पेंशनर, अध्यापक, स्थाई कर्मी और पंचायत सचिवों का डीए सात प्रतिशत बढ़ाने का फैसला हुआ था. 15 मई को विभाग ने एक जनवरी 2017 से 132 की जगह 139 प्रतिशत डीए देने के आदेश निकाले थे. तभी इसमें गड़बड़ी को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई थी.

सूत्रों का कहना है कि केंद्र ने सात अप्रैल को सातवां वेतनमान प्राप्त कर्मचारियों के डीए में दो और छठवां वेतनमान ले रहे कर्मचारियों के लिए चार प्रतिशत डीए बढ़ाया तो प्रदेश में भी इसी अनुपात में वृद्धि होनी चाहिए थी लेकिन ये सात प्रतिशत हो गई. बताया जा रहा है कि डीए का निर्धारण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर होता है. केंद्र के मुताबिक महंगाई दर में कमी आई है, इसलिए उसने चार प्रतिशत महंगाई भत्ता ही बढ़ाया.

प्रदेश में अभी सातवां वेतनमान लागू नहीं हुआ है, इसलिए वृद्धि चार प्रतिशत ही हो सकती है. मंत्रालय में पदस्थ उच्च अधिकारियों का कहना है कि डीए का भुगतान अभी नहीं हुआ है, इसलिए इसमें संशोधन की गुंजाइश है. यही वजह है कि पिछले दो दिन से विभाग में इसको लेकर मंथन का दौर चल रहा है.

बताया जा रहा है कि कैबिनेट से फैसला होने की वजह से इस प्रकरण को भी कैबिनेट में रखा जा सकता है. उधर, वित्त मंत्री जयंत मलैया ने विभागीय अधिकारियों को पूरा मामला गंभीरता से देखने के निर्देश दिए हैं.

1164 करोड़ रुपए का आएगा अतिरिक्त भार

डीए में सात प्रतिशत की बढ़ोतरी होने से सरकार के खजाने पर सालाना 1164 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आने का आकलन किया गया है. यदि इसमें तीन फीसदी की कमी होती है तो सरकार को करीब 500 करोड़ रुपए की बचत हो सकती है.

गणना करने में चूक हुई: जोशी

पेंशनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष गणेशदत्त जोशी ने बताया कि जिस दिन डीए बढ़ाने के आदेश वित्त विभाग ने जारी किए, उसी दिन साफ हो गया था कि गणना करने में चूक हो गई. अब सिर्फ एक रास्ता बचा है कि सरकार डीए घटाए या फिर जुलाई में दिए जाने वाले सातवें वेतनमान में सिर्फ दो प्रतिशत डीए देकर हिसाब बराबर करे.

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