मौर्य ने भी बचपन में बेची थी चाय, VHP के संरक्षक अशोक सिंघल के थे बेहद करीब

मौर्य ने भी बचपन में बेची थी चाय, VHP के संरक्षक अशोक सिंघल के थे बेहद करीब

लोकसभा की फूलपुर सीट से भाजपा सांसद एवं उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य उप मुख्यमंत्री के रूप में राज्य में पार्टी का ओबीसी चेहरा होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ही तरह मौर्य भी बचपन में चाय बेच चुके हैं। विधानसभा चुनाव में दिन रात कड़ी मेहनत से पिछडे वर्ग के लोगों को पार्टी के पक्ष में करने में कामयाब रहे मौर्य मुख्यमंत्री की रेस में थे, मगर योगी आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुना गया। भाजपा में 47 वर्षीय मौर्य का कद तेजी से बढ़ा है।

मोर्य का राजनीतिक सफर
उत्तर प्रदेश का 2012 विधानसभा जीतने के बाद 2014 में उन्हें लोकसभा का टिकट दिया गया और वह जीते भी। मौर्य को 2016 में भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और उन्होंने विधानसभा चुनाव में ‘‘265+’’ का लक्ष्य लेकर काम शुरू किया।

बचपन में बेचते थे चाय
कौशाम्बी जिले के किसान परिवार में जन्मे मौर्य का बचपन गरीबी में बीता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ही तरह उन्होंने भी चाय की दुकानों पर काम किया। पढ़ाई जारी रखने और परिवार की मदद के लिए अखबार बेचे। लोकसभा की वेबसाइट पर मौर्य के पृष्ठ पर अंकित है कि चाय बेचते हुए बचपन में उन्हें समाज सेवा करने और पढाई लिखाई करने की प्रेरणा मिली। मौर्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बाल स्वयंसेवक बने। बाद में विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल से जुडे। विहिप और बजरंग दल के साथ 12 साल जुडे रहने के दौरान मौर्य को विहिप के संरक्षक अशोक सिंघल का नजदीकी माना जाता था। अपने आक्रामक भाषणों के लिए मशहूर मौर्य अयोध्या प्रकरण में जेल गए थे।

गौरक्षा आंदोलन में भी उन्हें जेल जाना पड़ा था। मौर्य ने 2012 में इलाहाबाद जिले की सिराथू सीट से विधानसभा चुनाव जीता था। फूलपुर से 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत गए। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का संसदीय क्षेत्र भी फूलपुर था। लोकसभा चुनाव में भाजपा को गैर यादव ओबीसी और गैर जाटव दलितों का भरपूर समर्थन मिला था। इसी का नतीजा था कि भाजपा ने लक्ष्मीकांत बाजपेयी को हटाकर मौर्य को प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी। मौर्य ओबीसी (अन्य पिछडा वर्ग) से आते हैं। मौर्य ने उत्तर प्रदेश में भाजपा जिलाध्यक्षों के रूप में कुशवाहा, कोइरी, कुर्मी, शाक्य, पटेल और अन्य जातियों को नियुक्त किया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के बाद मौर्य भाजपा के ऐसे दूसरे नेता हैं, जिन्हें ओबीसी और दलितों में जबर्दस्त समर्थन हासिल है।

Previous पुजारा-साहा की उम्दा पारियों की बदौलत टीम इंडिया का स्कोर 400 के पार
Next क्या यू.पी. में कांग्रेस को ले डूबी प्रशांत किशोर की सलाह?

About author

You might also like

बिज़नेस 0 Comments

जेतली ने लोकसभा में पेश किया GST बिल

नई दिल्लीः अरुण जेतली ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) से जुड़े 4 बिलों को आज संसद में पेश किया। सी-जीएसटी, आई-जीएसटी, यूटी-जीएसटी और मुआवजा कानून को लोकसभा में रखा

ब्रेकिंग 0 Comments

स्नैपडील और फ्लिपकार्ट अप्रैल से साथ करेंगे बिजनेस

नई दिल्ली : ई-रिटेलर वेबसाइट स्नैपडील और फ्लिपकार्ट के बीच विलय हो सकता है। स्नैपडील की सबसे बड़ी निवेशक जापानी कंपनी सॉफ्टबैंक इस विलय के लिए कोशिशों में लगी हुई

बड़ी खबर 0 Comments

UN में स्थायी सदस्यता के लिए वीटो की ‘बलि’ को तैयार भारत

संयुक्त राष्ट्र में घटे ताजा घटनाक्रम में यह बात सामने आई कि जी4 देश (जिसमें भारत भी शामिल है) संयुक्त राष्ट्र के स्थाई सदस्य के तौर पर वीटो का अधिकार

राष्ट्रीय 0 Comments

चिदंबरम बोले- सबसे प्रभावशाली शख्सियत बनकर उभरे मोदी

पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि विधानसभा चुनावों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘सबसे प्रभावशाली राजनीतिक शख्सियत’ बनकर उभरे हैं। हालांकि,

राष्ट्रीय 0 Comments

अवैध पशु वध के मामले में तीन गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर : शामली जिले के मधावी गांव में तीन लोगों को कथित तौर पर पशु का अवैध तौर पर वध करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। उनके घर

राष्ट्रीय 0 Comments

नाहिद आफरीन बोलीं- जब पूरा देश मेरे साथ है तो फिर मैं क्यों डरूं

इंडियन आइडल की उप-विजेता रहीं नाहिद आफरीन के खिलाफ 40 से अधिक मौलवियों ने मिलकर यह फतवा जारी कर दिया कि उनका स्टेज शो करना शरीयत के खिलाफ है। मगर

0 Comments

No Comments Yet!

You can be first to comment this post!

Leave a Reply

Leave a Reply