जोगी ने दिया छत्तीसगढ़ किसान-मजदूर महासंघ के सवालों का जवाब

रायपुर: छत्तीसगढ़ किसान-मजदूर महासंघ के सवालों का उत्तर देते हुये अजीत जोगी ने कहा है कि, उन्होंने सावधानीपूर्वक राज्य के आय और व्यय की गणना करके ही शपथ पत्र में विभिन्न वायदे किये हैं। वे जब मुख्यमंत्री थे तो प्रदेश का बजट लगभग चार हजार करोड़ ही था जो अब बढ़कर 80 हजार करोड़ हो गया है।
जोगी का मानना है कि प्रदेश के राजस्व में कम से कम 20 हजार करोड़ की अतिरिक्त आय आसानी से प्राप्त कर लेंगे। प्रदेश में राजस्व वसूली के कतिपय क्षेत्रों में जो भ्रष्टाचार व्याप्त है उसे रोककर तथा कुछ नये और नायाब राजस्व के स्रोतों को मिलाकर वे प्रतिवर्ष कम से कम 20 हजार करोड़ की राजस्व में वृद्धि आसानी से कर लेंगे।
केन्द्र द्वारा राज्य को मिलने वाली राशि के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया है कि, राज्यों को संविधान के अंतर्गत गठित वित्त आयोग के द्वारा निर्धारित फामूर्ले के अनुसार ही राशि आवंटित की जाती है। इस प्रकार केन्द्र से जो सहायता मिलती है वह राज्य का संवैधानिक अधिकार है और आंचलिक पार्टी का राज्य बनने के बाद केन्द्र उसमें कोई कटौती नहीं कर सकता। धान के समर्थन मूल्य के संदर्भ में इस प्रकार यदि धान का समर्थन मूल्य 1470 रुपये प्रति क्विंटल केन्द्र द्वारा अन्य राज्यों को दिया जा रहा है तो उतना ही छत्तीसगढ़ को दिया जायेगा।
राज्य में किस पार्टी का शासन है इसका कोई फर्क केन्द्र से मिलने वाली मदद में नहीं हो सकता। इस प्रकार जोगी ने छत्तीसगढ़ के सभी किसानों को अपनी पूरी निष्ठा के साथ आश्वासन दिया है कि, वे 2500 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य के वादे पर अडिग हैं। इस पर केन्द्र से मिलने वाली राशि के अतिरिक्त लगभग सात से आठ हजार करोड़ का अतिरिक्त व्यय आयेगा जो वे किसानों के लिये राज्य के बजट से सहर्ष देने को तत्पर हैं।
श्री जोगी ने एक बार फिर से अपने शपथ पत्र में उल्लेखित वायदों को पूरा करने के निर्णय को अन्तिम और अपरिवर्तनीय बताया है। प्रदेश के किसानों के हित में वे अपनी ओर से जो भी संभव है उसे करने को सदैव तैयार रहेंगे।

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