धमतरी, 23 दिसंबर 2025 : धमतरी जिले के ग्राम पोटियाडीह में इन दिनों खेतों के साथ-साथ किसानों के चेहरों पर भी हरियाली साफ झलक रही है। वजह है-समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुचारु, पारदर्शी और किसान-हितैषी व्यवस्था। गांव के किसान तोरण पटेल आज राहत की सांस लेते हुए कहते हैं कि अब धान बेचने के लिए न लंबी कतारों का झंझट है, न अनिश्चितता की चिंता।
किसान तोरण पटेल के पास लगभग 8 एकड़ कृषि भूमि है। इस खरीफ सीजन में वे 79 क्विंटल धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि शासन की ऑनलाइन टोकन व्यवस्था ने उनकी सबसे बड़ी परेशानी दूर कर दी है। समय पर टोकन मिलने से न केवल भीड़ से बचाव हुआ, बल्कि पूरा काम तय समय में आसानी से हो गया। “अब खेत का काम छोड़कर दिन-दिन भर लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ती,” वे मुस्कराते हुए कहते हैं।
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पिछले वर्ष की बात करें तो पटेल ने 168 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा था। समय पर मिले भुगतान से उन्होंने एक बड़ा सपना पूरा किया-ट्रैक्टर की खरीदी। इससे खेती का काम आसान हुआ, लागत घटी और उत्पादकता बढ़ी। साथ ही, सहकारी समिति से खाद-बीज की व्यवस्था भी सहजता से हो गई, जिससे फसल की तैयारी समय पर संभव हो सकी।
दसवीं तक शिक्षा प्राप्त तोरण पटेल मानते हैं कि आज खेती केवल मेहनत नहीं, बल्कि योजना, तकनीक और सरकारी सहयोग का परिणाम है। वे कहते हैं कि शासन की योजनाओं से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है और हर काम समय पर पूरा हो रहा है। उपार्जन केंद्रों में पेयजल, छाया, तौल, भुगतान और मार्गदर्शन जैसी सुविधाओं से किसानों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
पटेल ने इन सभी व्यवस्थाओं के लिए प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उनकी कहानी यह साबित करती है कि जब नीति सही हो, व्यवस्था मजबूत हो और किसान को सम्मान मिले, तो खेती सिर्फ आजीविका नहीं, बल्कि समृद्धि का रास्ता बन जाती है। यह सफलता की कहानी न केवल पोटियाडीह, बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों के लिए प्रेरणा है।








