जगदलपुर : कलेक्टर हरिस एस ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित समय-सीमा की बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों और धान खरीदी व्यवस्था की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान कलेक्टर ने प्रशासनिक कसावट और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने खरीफ विपणन वर्ष के तहत जारी धान खरीदी की समीक्षा करते हुए नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे उपार्जन केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें। विशेष रूप से दरभा क्षेत्र में हर सप्ताह निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि व्यवस्थाएं सुचारू रहें। केंद्रों में धान चोरी की आशंका को पूरी तरह समाप्त करने के लिए उन्होंने आकस्मिक निरीक्षण करने और रैंडम आधार पर 50 बोरों का वजन जांचने का आदेश दिया।
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साथ ही अधिक समस्या वाले केंद्रों की निगरानी के लिए विशेष जांच दल गठित करने की बात कही। किसानों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि क्राॅप कटिंग के आधार पर ही किसानों का टोकन काटा जाए। इसके अलावा बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित करने, रकबा समर्पण की स्थिति जांचने और गेटपास ऐप का अनिवार्य उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सभी विभागीय अधिकारियों को सतर्क एप्लीकेशन में डाटा एंट्री करवाने और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली का कड़ाई से पालन करने को कहा। उन्होंने कार्यालयों का संचालन ई-ऑफिस के माध्यम से करने और विभागों के पुराने निष्क्रिय बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से एक्टिव करने के निर्देश दिए ताकि वित्तीय प्रबंधन बेहतर हो सके।
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ग्रामीण विकास और अधोसंरचना के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी गति पर नाराजगी जताई और जनपद जगदलपुर एवं लोहण्डीगुड़ा में इस सप्ताह के भीतर निर्धारित आवास लक्ष्य को पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने मनरेगा के तहत निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र भवनों और जिला खनिज न्यास संस्थान की राशि से स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति का संज्ञान लेते हुए कार्य में तेजी लाने को कहा। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए आधार सर्वे और रिवेरीफिकेशन कार्यों के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा उचित डाटा के साथ शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को जाति प्रमाण पत्र और छात्रों की अपार आईडी बनाने के कार्य में गति लाने को कहा। स्वास्थ्य सेवाओं के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने, सिकलसेल और मोतियाबिंद की सघन जांच एवं उपचार अभियान को तेज करने पर जोर दिया गया। उन्होंने जिला क्षय उन्मूलन (टीबी) कार्यक्रम की भी समीक्षा की।
इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे रेडी टू ईट पोषण आहार की समीक्षा की गई। बैठक के अंत में कौशल विकास प्राधिकरण, जल जीवन मिशन और आगामी बस्तर पंडुम की तैयारियों की समीक्षा भी की। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर सीपी बघेल, ऋषिकेश तिवारी, नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।








