रायपुर, 06 मई 2026 : सुशासन तिहार के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिल रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में प्रभावी रूप से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श एवं दवाओं का लाभ ले रहे हैं। एमएमयू के माध्यम से मरीजों को निःशुल्क जांच, आवश्यक परीक्षण, चिकित्सकीय सलाह एवं दवा वितरण की सुविधा एक ही स्थान पर मिल रही है। इससे न केवल त्वरित उपचार संभव हो पा रहा है, बल्कि बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान भी सुनिश्चित हो रही है।
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मोबाइल मेडिकल यूनिट में एक अनुभवी चिकित्सक सहित चार सदस्यीय टीम तैनात रहती है, जो निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गांव-गांव पहुंचकर सेवाएं प्रदान कर रही है। शिविरों में सामान्य बीमारियों से लेकर प्राथमिक स्तर के गंभीर मामलों की पहचान कर उन्हें आवश्यकतानुसार नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में छोटी-छोटी बीमारियों के उपचार के लिए भी दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों तक जाना पड़ता था, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों की हानि होती थी। अब एमएमयू के माध्यम से गांव में ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से उनकी समस्याएं काफी हद तक कम हुई हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विशेष रूप से वनांचल एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में यह पहल नई उम्मीद के रूप में उभरी है।
प्रदेश सरकार के प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम छोर तक सुनिश्चित की जा रही है, जिससे “स्वस्थ छत्तीसगढ़” के संकल्प को साकार करने की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।








