सूरजपुर : सेवा सेतु: छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई डिजिटल क्रांति, 441 सेवाएं अब एक ही प्लेटफॉर्म पर

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सूरजपुर : सेवा सेतु: छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई डिजिटल क्रांति, 441 सेवाएं अब एक ही प्लेटफॉर्म पर

सूरजपुर/ 21 जून 2026 : शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में ष्सेवा सेतुष् एक गेम-चेंजर पहल साबित हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक सेवाओं को नागरिकों की उंगलियों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसी विज़न का परिणाम है कि आज आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र से लेकर राशन कार्ड और भू-नक़ल तक की 441 से अधिक सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। डिजिटल युग में सुशासन का असली अर्थ है सेवाओं का सरलीकरण और समयबद्धता, और ष्सेवा सेतुष् इसी सोच को धरातल पर साकार कर रहा है।

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एक समय था जब नागरिकों को प्रमाण-पत्र बनवाने जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों की दौड़ लगानी पड़ती थी, जिसमें समय और श्रम की बर्बादी के साथ-साथ बिचौलियों का भय भी बना रहता था। ष्सेवा सेतुष् ने इस पारंपरिक ढर्रे को बदलते हुए ’’वन स्टॉप सॉल्यूशन’’ पेश किया है।

अब नागरिक घर बैठे अथवा नजदीकी लोक सेवा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। तकनीकी उन्नयन की दिशा में राज्य ने लंबी छलांग लगाई हैकृछत्तीसगढ़ के पुराने ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर जहाँ केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं नए और उन्नत ष्सेवा सेतुष् प्लेटफॉर्म पर अब 441 सेवाएं लाइव हैं।

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इस पोर्टल पर 30 से अधिक विभागों को एक साथ जोड़ा गया है। नई व्यवस्था में 54 नई सेवाओं के साथ विभिन्न विभागों की 329 री-डायरेक्ट सेवाओं का सफल एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिकों को अलग-अलग पोर्टल्स पर भटकना नहीं पड़ता। छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा में सेवा देना अब केवल कागज़ी नियम नहीं, बल्कि हकीकत बन चुका है।

’’सेवा सेतु’’ केवल एक तकनीकी पोर्टल नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। इलेक्ट्रॉनिक वर्कफ्लो प्रणाली के कारण अब हर आवेदन की रीयल-टाइम निगरानी संभव है, जिससे अनावश्यक देरी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश समाप्त हो गई है। यदि इसी गति से सुधार जारी रहा, तो छत्तीसगढ़ का यह मॉडल भविष्य में देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन सकता है।

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