ग्राफ्टेड सब्जी खेती से महिला स्व-सहायता समूहों की बढ़ेगी आय

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ग्राफ्टेड सब्जी खेती से महिला स्व-सहायता समूहों की बढ़ेगी आय

रायपुर, 14 जुलाई 2026 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान एवं प्रदान संस्था के संयुक्त प्रयास से महिला समूहों को ग्राफ्टेड सब्जी खेती की आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है।

जिला पंचायत सूरजपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत सूरजपुर अंतर्गत उमंग महिला क्लस्टर संगठन की स्वयं सहायता समूह की दीदियों को ग्राफ्टेड पौधों के माध्यम से वैज्ञानिक खेती का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को परंपरागत खेती से आगे बढ़ाकर आधुनिक, लाभकारी एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना है, ताकि वे कृषि उद्यमी के रूप में अपनी अलग पहचान बना सकें।

कसलगिरि, झांसी और पोड़ीपा ग्राम पंचायतों में आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में दीदियों को ग्राफ्टेड पौधों की रोपाई, देखभाल, रोग प्रबंधन एवं उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान टमाटर एवं बैंगन की सिजेंटा साहो तथा व्हीएनआर-212 किस्म के कुल 27,300 ग्राफ्टेड पौधों का वितरण भी किया गया।

विकासखंड परियोजना प्रबंधक ने बताया कि ग्राफ्टेड पौधों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है, फसल की गुणवत्ता बेहतर रहती है तथा उत्पादन में वृद्धि होने से किसानों और महिला समूहों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है। आधुनिक तकनीक अपनाने से लागत कम होने के साथ बेहतर आर्थिक लाभ मिलने की संभावना भी बढ़ती है।

राज्य सरकार की यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, कृषि में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने तथा महिला स्व-सहायता समूहों को उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इससे प्रदेश में वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी।

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