एमसीबी : अंधेरगढ़ नाला का पक्का चेक डेम बना किसानों की उम्मीद, 12.5 एकड़ खेतों को मिलेगा सिंचाई का संबल

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एमसीबी : अंधेरगढ़ नाला का पक्का चेक डेम बना किसानों की उम्मीद, 12.5 एकड़ खेतों को मिलेगा सिंचाई का संबल

एमसीबी/16 जुलाई 2026 : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत विकासखंड भरतपुर की ग्राम पंचायत माड़ीसरई में निर्मित पक्का चेक डेम आज ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और किसानों की आर्थिक समृद्धि का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। अंधेरगढ़ नाला पर निर्मित यह चेक डेम केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीणों के बेहतर भविष्य, किसानों की खुशहाली और जल सुरक्षा की मजबूत नींव साबित हो रहा है।

ग्राम पंचायत माड़ीसरई में लंबे समय से वर्षा का अधिकांश पानी बिना उपयोग के बह जाता था, जिससे गर्मी के मौसम में जल संकट गहराने लगता था। खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को सीमित खेती करनी पड़ती थी और उनकी आय भी प्रभावित होती थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए मनरेगा के माध्यम से अंधेरगढ़ नाला पर पक्का चेक डेम निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया।

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इस कार्य में 1185 मानव दिवस का सृजन हुआ, जिससे गांव के श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला। इससे ग्रामीण परिवारों को गांव में ही मजदूरी उपलब्ध हुई और पलायन की आवश्यकता भी कम हुई। निर्माण कार्य के दौरान ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने इस परियोजना को जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बना दिया।

चेक डेम के निर्माण से वर्षा जल का संरक्षण संभव हुआ है, जिससे भू-जल स्तर में सुधार आने की उम्मीद है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस संरचना से लगभग 12.5 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा प्राप्त होगी। इससे किसान अब केवल वर्षा पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि समय पर सिंचाई कर धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन एवं अन्य नकदी फसलों की खेती भी कर सकेंगे। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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जल संरक्षण की यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। चेक डेम के माध्यम से वर्षा जल का संचयन होने से भू-जल का पुनर्भरण होगा, आसपास के कुएं और हैंडपंपों में जल उपलब्धता बेहतर होगी तथा जल संकट की समस्या में कमी आएगी। साथ ही मिट्टी के कटाव पर नियंत्रण होगा और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।

गांव के किसानों का कहना है कि पहले बारिश का पानी तेजी से बह जाता था, लेकिन अब चेक डेम बनने से पानी रुकेगा और खेतों तक सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। इससे खेती की लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा और परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी। ग्रामीणों ने इस कार्य को गांव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

मनरेगा के तहत निर्मित यह पक्का चेक डेम ग्रामीण विकास की उस सोच को साकार करता है, जिसमें रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण कर गांवों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। एक ओर जहां इस कार्य ने सैकड़ों मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया, वहीं दूसरी ओर आने वाले वर्षों तक किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा भी प्रदान करेगा।

ग्राम पंचायत माड़ीसरई का यह चेक डेम आज इस बात का प्रमाण है कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जनभागीदारी के साथ किया जाए तो जल संरक्षण, कृषि विकास, रोजगार सृजन और ग्रामीण समृद्धि जैसे अनेक लक्ष्य एक साथ प्राप्त किए जा सकते हैं। अंधेरगढ़ नाला पर निर्मित यह पक्का चेक डेम आने वाले समय में किसानों की खुशहाली, बेहतर कृषि उत्पादन और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बनेगा।

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