इरादों की स्याही से किशन जंगम ने लिखी सफलता की नई इबारत

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इरादों की स्याही से किशन जंगम ने लिखी सफलता की नई इबारत

रायपुर, 23 जुलाई 2026 : प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत नया व्यवसाय शुरू करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र और सेवा का लोन प्राप्त किया जा सकता है। इसमें 15% से 35% तक सब्सिडी भी मिलती है, जो युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में एक बड़ा सहारा है। छत्तीसगढ़ में हज़ारों लोगों ने अपने सपनों को साकार किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयास प्रदेश के युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। बस्तर जिले के जगदलपुर निवासी किशन जंगम इसकी प्रेरक मिसाल हैं।

सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने नौकरी की तलाश करने के बजाय स्वयं का उद्यम स्थापित करने का निर्णय लिया। आज वे न केवल एक सफल उद्यमी हैं, बल्कि छह स्थानीय युवाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी साकार कर रहे हैं।

नौकरी नहीं, उद्यमिता को बनाया जीवन का लक्ष्य

36 वर्षीय किशन जंगम ने स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद दूसरों के अधीन कार्य करने के बजाय स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का संकल्प लिया। प्रिंटिंग व्यवसाय में उनकी विशेष रुचि थी, लेकिन पर्याप्त पूंजी नहीं होने के कारण यह सपना अधूरा नजर आ रहा था। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) की जानकारी मिली, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी।

उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, जगदलपुर से मार्गदर्शन प्राप्त कर योजना के तहत आवेदन किया। वर्ष 2019 में पंजाब नेशनल बैंक, जगदलपुर शाखा से उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, साथ ही 1.50 लाख रुपये की सरकारी सब्सिडी भी प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने जगदलपुर में एफसीआई गोदाम के सामने ‘मेसर्स कार्तिक प्रिंटर सप्लायर्स’ की स्थापना की।

मेहनत और गुणवत्ता से बनाया सफल व्यवसाय

आधुनिक मशीनों की स्थापना और गुणवत्ता आधारित सेवाओं के बल पर किशन का व्यवसाय लगातार आगे बढ़ता गया। उनकी मेहनत, ग्राहक विश्वास और व्यावसायिक समझ का परिणाम है कि आज उनके प्रिंटिंग प्रतिष्ठान का वार्षिक कारोबार 30 से 35 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।

स्वरोजगार से बने रोजगारदाता

किशन जंगम की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। व्यवसाय के विस्तार के साथ उन्होंने 6 स्थानीय युवाओं को अपने प्रतिष्ठान से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराया। आज उनके इस प्रयास से छह परिवारों की आजीविका सुरक्षित हुई है और अनेक युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है।

युवाओं को दे रहे आत्मनिर्भर बनने का संदेश

किशन जंगम का कहना है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि अपने सपनों को साकार करने का अवसर भी प्रदान किया। वे स्वयं भी अपने परिचित युवाओं को सरकारी स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेकर अपना उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हैं।

स्वरोजगार से सशक्त हो रहा नया भारत

किशन जंगम की सफलता इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और अवसर मिले तो वे न केवल अपनी तकदीर बदल सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं।

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