संवाददाता: सुमित जालान
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही:- छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना के तहत छात्राओं को स्कूल आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया जाता है। लेकिन गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम कन्या विद्यालय में कक्षा 9वीं की छात्राओं को वितरित की गई साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
छात्राओं एवं अभिभावकों की शिकायत के बाद नगर पालिका परिषद पेंड्रा के अध्यक्ष राकेश जालान विद्यालय पहुंचे और साइकिलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई साइकिलों में तकनीकी खामियां एवं गुणवत्ता संबंधी कमियां पाए जाने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि कुछ साइकिलें वितरण के समय ही खराब स्थिति में थीं, जिससे छात्राओं को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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निरीक्षण के दौरान राकेश जालान ने साइकिलों की गुणवत्ता पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि वितरित की गई कई साइकिलें इतनी खराब स्थिति में हैं कि छात्राएं उनसे सुरक्षित रूप से घर तक भी नहीं पहुंच पाएंगी। उन्होंने शासन से मांग की कि भविष्य में साइकिल वितरण की व्यवस्था में सुधार किया जाए। उनका सुझाव है कि संबंधित विद्यालयों के प्राचार्य अथवा शिक्षकों की देखरेख में स्थानीय दुकानदारों से छात्राओं की पसंद और आवश्यकता के अनुसार अच्छी गुणवत्ता की साइकिलें उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही छात्राओं को तत्काल राहत देने के लिए खराब साइकिलों की मरम्मत अपने निजी खर्च पर कराने का आश्वासन भी दिया है। राकेश जालान ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित और उपयोगी संसाधन उपलब्ध कराना शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। जब बच्चे बेहतर सुविधाओं के साथ शिक्षा प्राप्त करेंगे, तभी वे जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगे।
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इस दौरान कक्षा 9वीं की छात्रा मानवी यादव ने भी साइकिल की खराब गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि उनकी साइकिल पूरी तरह से हिल रही है, हैंडल टेढ़ा है, चक्का सही नहीं है, मडगार्ड ढीला है, ब्रेक काम नहीं कर रहा और टायर भी पंचर है। ऐसी स्थिति में साइकिल चलाना संभव नहीं है और उसे पैदल घर ले जाना पड़ेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत भी सरस्वती साइकिल योजना के तहत वितरित साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा चुके हैं। ऐसे में पेंड्रा में सामने आया यह मामला एक बार फिर योजना के क्रियान्वयन और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।
अब सभी की निगाहें प्रशासन और सरकार की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं और भविष्य में छात्राओं को गुणवत्तायुक्त साइकिल उपलब्ध कराने के लिए क्या व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है।








