खैरागढ़, 08 सितंबर 2026 : खरीफ वर्ष 2026 में किसानों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं वैध कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा अवैध कीटनाशकों के भण्डारण एवं विक्रय के विरुद्ध लगातार सघन जांच एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 07 सितंबर 2026 को खैरागढ़ के दो कृषि केन्द्रों में अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल एवं उप संचालक कृषि राजकुमार सोलंकी के मार्गदर्शन में कीटनाशक निरीक्षक विरेन्द्र डहरिया, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, खैरागढ़ एवं सहायक संचालक कृषि लुकमान साहू द्वारा कृषि समाधान केन्द्र, खैरागढ़ एवं जैविक प्रचार कृषि केन्द्र, खैरागढ़ का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान दोनों कृषि केन्द्रों में बिना स्रोत प्रमाण-पत्र के कीटनाशकों का विक्रय, भण्डार पंजी का संधारण नहीं किया जाना, वैध प्रमाण-पत्र को निर्धारित स्थान पर प्रदर्शित नहीं किया जाना तथा भण्डारण स्थल का वैध प्रमाण-पत्र में उल्लेख नहीं होना जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
अनियमितताओं के पाए जाने पर कीटनाशक अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशक नियम, 1971 के प्रावधानों के तहत दोनों कृषि केन्द्रों के कीटनाशक विक्रय पर प्रतिबंध लगाते हुए कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। साथ ही दोनों केन्द्रों को सीलबंद करने की कार्रवाई की गई। संबंधित संचालकों को निर्धारित समयावधि में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के हित में कार्रवाई रहेगी जारी
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक कृषि आदान उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। कीटनाशकों के अवैध भण्डारण, विक्रय एवं नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध जिले में सघन निरीक्षण अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले कृषि आदान विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।








