रायपुर, 21 सितंबर 2026 : सेवा केवल योजनाओं का लाभ पहुंचाने तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों को उनके अधिकारों, अवसरों और उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाने का संकल्प भी है।
इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिलाओं को जागरूक कर उन्हें शासकीय योजनाओं, सुरक्षा प्रावधानों, वित्तीय साक्षरता और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिलों में विकासखंड स्तर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम इसी सेवा की कहानी को आगे बढ़ा रहे हैं।
इसी क्रम में सूरजपुर जिले के प्रेमनगर एवं रामानुजनगर विकासखंड में महिला सशक्तिकरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रेमनगर के ग्राम पंचायत अन्नपूर्णा तथा रामानुजनगर के ग्राम पंचायत गणेशपुर के ग्राम घुमाडांड में आयोजित कार्यक्रमों में महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में उपलब्ध रोजगार, स्वरोजगार एवं कृषि आधारित अवसरों की जानकारी दी गई।
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कार्यक्रम में संरक्षण अधिकारी इंदिरा कुमारी तिवारी, जेंडर विशेषज्ञ सलोमी कुजूर एवं वित्तीय साक्षरता समन्वयक विशेषज्ञ फरजाना ने महिलाओं को बचत, सावधि जमा एवं म्यूचुअल फंड सहित विभिन्न वित्तीय विकल्पों के बारे में जानकारी दी। महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाइवलीहुड कॉलेज के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी अवगत कराया गया।
जागरूकता कार्यक्रमों में नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 एवं आपातकालीन सेवा 112 सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही घरेलू हिंसा एवं महिला उत्पीड़न से संरक्षण के कानूनी प्रावधानों तथा कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध शिकायत एवं सहायता तंत्र के बारे में बताया गया।
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कार्यक्रम में महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, बाल विवाह के दुष्परिणाम, बाल श्रम की रोकथाम और बच्चों की शिक्षा के महत्व के प्रति भी जागरूक किया गया। जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी गई।
विशेष रूप से पंडो जनजाति की महिलाओं से संवाद कर उन्हें सरल भाषा में उनके अधिकारों, सुरक्षा और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। स्थानीय स्तर पर आयोजित ये कार्यक्रम महिलाओं तक योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ ही उनमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता और आत्मनिर्भर बनने का विश्वास भी मजबूत कर रहे हैं।









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