उत्तर बस्तर कांकेर 04 अक्टूबर 2026 : कोयलीबेड़ा जैसे लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्र में अब स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच लगातार बढ़ रही है। कलेक्टर कुन्दन कुमार की अभिनव पहल के तहत सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय सेवा सेतु सह मेगा स्वास्थ्य शिविर में पहली बार सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को आवश्यक जांच के लिए कांकेर अथवा अन्य दूरस्थ स्थानों तक जाने की परेशानी से राहत मिली।
कोयलीबेड़ा विकासखंड मुख्यालय में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में आसपास के गांवों और सुदूर क्षेत्रों से ग्रामीण पहुंचे। शिविर में कुल 1040 लोगों ने ओपीडी पंजीयन कराया। इनमें 41 लोगों की सोनोग्राफी, 120 लोगों का एक्स-रे और 225 लोगों की रक्त जांच की गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर निःशुल्क परामर्श एवं उपचार भी प्रदान किया।
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ग्राम सुलांगी निवासी मेघरे पोटाई के लिए शिविर में उपलब्ध कराई गई सोनोग्राफी की सुविधा विशेष राहत लेकर आई। उन्होंने बताया कि अपनी पिछली चार गर्भावस्थाओं के दौरान सोनोग्राफी के लिए उन्हें कोयलीबेड़ा से बाहर जाना पड़ा था। इस बार शिविर में ही सोनोग्राफी की सुविधा मिलने से उन्हें दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से महिलाओं को काफी सहूलियत हुई है।
इसी तरह कोयलीबेड़ा निवासी हस्तिना नाग ने भी शिविर में अपनी सोनोग्राफी कराई। उन्होंने बताया कि सोनोग्राफी के लिए उन्हें कांकेर जाने की जरूरत नहीं पड़ी और शिविर में ही उनकी जांच हो गई।जिससे उनका शहर आने-जाने का खर्चा व समय बचा।
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लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे कोयलीबेड़ा क्षेत्र में स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य, राजस्व, खाद्य, कृषि, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों की सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया।
शिविर में 135 हितग्राहियों को जांच के बाद निःशुल्क चश्मे, 55 लोगों को दिव्यांग प्रमाण पत्र संबंधी सेवाएं तथा 28 लोगों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया गया। वहीं 8 लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया और जनभागीदारी के तहत 34 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया, जिसमें 18 बीएसएफ के जवान भी शामिल रहे।
कभी नक्सल गतिविधियों के कारण विकास एवं प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच के सामने चुनौतियां रहीं, उसी क्षेत्र में अब ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच से लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल रहा है। कोयलीबेड़ा में पहली बार उपलब्ध कराई गई सोनोग्राफी सुविधा इसी बदलते परिवेश की महत्वपूर्ण मिसाल है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह शिविर ग्रामीणों तक स्वास्थ्य एवं शासकीय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल का प्रभावी उदाहरण बना।









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