बस्तर के रतेंगा में गेबियन चेक डैम ने थामी पानी की धार

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बस्तर के रतेंगा में गेबियन चेक डैम ने थामी पानी की धार

रायपुर, 12 अक्टूबर 2026 : जल और मृदा संरक्षण की दिशा में छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले ने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। विकासखंड बस्तर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रतेंगा के पारा बड़ेबदर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जल और मृदा संरक्षण का एक उत्कृष्ट कार्य किया गया है।

पहाड़ी और पथरीला क्षेत्र होने के कारण यहाँ वर्षा का पानी तेजी से बह जाता था, जिससे न केवल उपजाऊ मिट्टी का गंभीर कटाव होता था बल्कि भूजल स्तर भी रिचार्ज नहीं हो पाता था।

इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्राम पंचायत रतेंगा द्वारा दो लाख 22 हजार रुपए की स्वीकृत प्रशासकीय राशि से एक प्रभावी गेबियन चेक डैम के निर्माण की रूपरेखा तैयार कर इसका सफल क्रियान्वयन किया गया।

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ग्राम पंचायत द्वारा स्वयं निष्पादित इस परियोजना के तहत एक सूखे पथरीले नाले के बीच तारों की जाली और स्थानीय पत्थरों के कुशल उपयोग से 10 मीटर लंबी, मजबूत और टिकाऊ गेबियन संरचना तैयार की गई है।

यह संरचना न केवल पानी के तेज बहाव की गति को नियंत्रित करती है, बल्कि गाद को रोककर जल को जमीन के भीतर रिसने का पर्याप्त समय भी प्रदान करती है।

मानसून के दौरान बारिश के पानी को रोककर भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि करने के साथ-साथ यह चेक डैम खेतों और आसपास की जमीन की उर्वरक मिट्टी को बहने से बचाने में बेहद मददगार साबित हो रहा है।

इसके अलावा, मनरेगा के तहत संचालित होने से इस कार्य ने स्थानीय ग्रामीणों को उनके गांव में ही रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराए, जिससे उनकी आजीविका भी सुदृढ़ हुई है।

ग्राम पंचायत रतेंगा का यह प्रयास रेखांकित करता है कि यदि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सही और पारदर्शी तरीके से किया जाए, तो पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण दोनों लक्ष्यों को एक साथ सफलतापूर्वक हासिल किया जा सकता है।

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