नारायणपुर, 14 अक्टूबर 2026 : केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से नारायणपुर विकासखंड के ग्राम बेलगांव निवासी नीलकंठ नागा ने मछली पालन को आजीविका का साधन बनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।
तालाब निर्माण से शुरू हुआ मछली पालन का सफर
ग्राम बेलगांव निवासी नीलकंठ नागा, पिता दिलीप सिंह नागा, पूर्व में तालाब की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मछली पालन का कार्य नहीं कर पा रहे थे। इससे उन्हें आय के अतिरिक्त साधन का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
उनकी इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मत्स्य पालन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में उनकी स्वयं की भूमि पर 0.6 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तालाब का निर्माण कराया गया। इसके बाद उन्होंने मछली पालन का कार्य प्रारंभ किया।
विभागीय सहयोग से मिला नया अवसर
योजना के अंतर्गत मत्स्य पालन विभाग द्वारा हितग्राही को जाल भी प्रदान किया गया, जिससे मछली पालन कार्य को आगे बढ़ाने में सहायता मिली। तालाब निर्माण और विभागीय सहयोग से नागा को स्वरोजगार का अवसर प्राप्त हुआ। अब वे नियमित रूप से मछली उत्पादन कर उसका विक्रय कर रहे हैं।
मछली उत्पादन से सालाना एक से दो लाख रुपये तक की आय
वर्तमान में नीलकंठ नागा द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 1,000 से 2,000 किलोग्राम मछली का उत्पादन कर विक्रय किया जा रहा है। इससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख से 2 लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। मछली पालन के माध्यम से उनकी आजीविका को मजबूती मिली है और वे आर्थिक रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।








