रायपुर, 01 फरवरी 2026 : चुनौतियों और अनिश्चितताओं के समय में वित्त मंत्री के लिए बजट बनाना है इतना आसान नहीं था। वित्त मंत्री ने वृद्धि को सतत रूप से बनाए रखने के लिए संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से आधारभूत संरचना, विनिर्माण और रोजगार की क्षमता को विकसित करने वाले आधार को मजबूत किया है। लगभग 53.47 लाख करोड़ के बजट में राजकोषीय अनुशासन को बनाए रखते हुए एक ओर राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर रखा है वहीं ऋण को जीडीपी के 55.6 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य रखा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य आकांक्षा को उपलब्धि में और क्षमता को निष्पादन में परिवर्तित करना है और यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ हर किसी तक पहुंचे।
बजट में सबसे अधिक प्रावधान आधारभूत संरचना के लिए 12.02 लाख करोड़ का रखा गया है। साथ ही रणनीतिक और फ्रंटियर क्षेत्र के विनिर्माण उद्योगों के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। विनिर्माण उद्योग के लिए अनेक कर सुधार भी बजट में है। मध्य और लघु उद्योगों को इक्विटी सपोर्ट एक महत्वपूर्ण कदम है।
देश की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का जीडीपी निर्यात और रोजगार में महत्वपूर्ण योगदान है। । इसी को देखते हुए टूरिज्म, स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्तीय क्षेत्र के लिए अनेक अभिनव प्रावधान बजट में किए गए हैं। बजट के साथ ही आज 16 में वित्त आयोग की रिपोर्ट भी सदन में रखी गई और जिसके सुझावों को सरकार ने स्वीकार कर लिया । वित्त आयोग के अनुसार केंद्रीय करों में से 41 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को वितरित किया जाएगा। बजट में टायर टू और टायर 3 सिटीज के लिए और मंदिर वाले शहरों के लिए उनकी आधारभूत संरचनाओं और मूलभूत सुविधाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
रविन्द्र के ब्रम्हे
प्रोफेसर अर्थशास्ञ
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर








