Big News: योगी आदित्यनाथ ने कहा- विज्ञान पथ से बदलेगी लखनऊ की तस्वीर…

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश की राजधानी से कई शहरों को सीधे तौर पर सड़क मार्ग से जोड़ने का कार्य चल रहा है। लखनऊ के आसपास के जिलों सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई, रायबरेली और उन्नाव को छह लेन की सड़क से जोड़ने की तैयारी चल रही है।

प्रदेश सरकार इसके लिए 250 किलोमीटर लंबे विज्ञान पथ की शुरुआत करने की योजना बना रही है। इससे राजधानी को उत्तर में हरदोई, सीतापुर, पूर्व में बाराबंकी, दक्षिण में रायबरेली से और पश्चिम में उन्नाव जिले से जोड़ा जाएगा। छह लेन के इस विज्ञान पथ से प्रदेश में आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

लखनऊ से इन पड़ोसी जिलों को राज्य राजधानी परिक्षेत्र यानि एससीआर के तहत जोड़ा जाएगा। प्रदेश सरकार की इस परियोजना के मूल में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का मंत्र जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान है। दरअसल सरकार इस परियोजना के जरिए लखनऊ को वैश्विक शहर के तौर पर विकसित करना चाहती है।

अटल बिहारी वाजपेयी ने परमाणु विस्फोट के अवसर पर जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का नारा दिया था। प्रधानमंत्री रहते हुए अटल बिहारी ने लखनऊ को फैजाबाद रोड से कानपुर रोड तक शहीद पथ का तोहफा दिया था। यह पथ देश के शहीदों को समर्पित है। इसी के तहत लखनऊ के चारो ओर किसान पथ को तैयार किया जा रहा है जोकि 104 किलोमीटर लंबा है। इसी योजना को आगे बढ़ाते हुए योगी सरकार विज्ञान पथ को आगे बढ़ाना चाहती है।

इस प्रस्तावित विज्ञान पथ के बीच 20 इंटरलॉकिंग रोड़ का निर्माण कराया जाएगा और इसे 20 हिस्सों में बांटा जाएगा। इन 20 हिस्सों में अलग-अलग रोड को विकसित किया जाएगा। वर्तमान और भविष्य को ध्यान में रखते हुए सामाजिक, आर्थिक विकास को प्रभावित करने वाले क्षेत्रों के वर्गाकार के तौर पर इस पथ को विकसित किया जाएगा।

इस पथ के जरिए लखनऊ और आसपास के जिलों को इंडस्ट्रियल हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। इससे पूरे क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होगी और आर्थिक गतिविधियों के चलते बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी हासिल होगा। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, ऐसे में यह विज्ञान पथ इस संकल्प को पूरा करने में अपनी अहम भूमिका निभाएगा।

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