बिलासपुर : मस्तूरी चिरायु (आरबीएसके) टीम ने फिर बचाई एक मासूम की जिंदगी

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बिलासपुर : मस्तूरी चिरायु (आरबीएसके) टीम ने फिर बचाई एक मासूम की जिंदगी

बिलासपुर, 13 अप्रैल 2026 : मस्तूरी चिरायु (आरबीएसके) टीम ने फिर बचाई एक मासूम की जिंदगीछत्तीसगढ़ में चिरायु के नाम से प्रसिद्ध आरबीएसके टीम द्वारा एक बार फिर एक गरीब परिवार के बच्चे को नया जीवन मिला है। मस्तूरी चिरायु टीम पिछले कई वर्षों से लगातार स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में 6 सप्ताह से 18 वर्ष तक के बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है।

इसी क्रम में सीपत क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में 11 माह के एक बच्चे ध्रुवेश पुरी पिता नरेंद्र पुरी, माता – ज्योति पुरी का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान बच्चा जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित पाया गया। चिरायु टीम ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को जिला अस्पताल में रेफर किया और स्वयं चिरायु वाहन से अस्पताल पहुंचाया। वहां ईको, ब्लड टेस्ट सहित सभी आवश्यक जांच कराई गई। इसके बाद बच्चे को रायपुर मेकाहारा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां जांच में बच्चे को कॉम्प्लेक्स सायनोटिक हार्ट डिजीज से पीड़ित पाया गया, जो एक गंभीर जन्मजात हृदय रोग है।

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आगे की बेहतर चिकित्सा के लिए बच्चे को एम्स रायपुर एवं श्री सत्य साईं अस्पताल रायपुर में भी दिखाया गया। सभी रिपोर्ट्स को दिल्ली एम्स, अपोलो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल चेन्नई सहित विभिन्न उच्च स्तरीय अस्पतालों में भेजा गया।

अपोलो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल चेन्नई के डॉक्टरों ने रिपोर्ट का अध्ययन कर बच्चे के ओपन हार्ट सर्जरी की सहमति दी। शुरुआत में परिजन ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन चिरायु टीम ने लगातार काउंसलिंग कर उन्हें समझाया कि ऑपरेशन ही बच्चे के जीवन को बचा सकता है। अंततः माता-पिता तैयार हुए और टीम के सहयोग से 23 मार्च 2026 को बच्चे को चेन्नई भेजा गया। 25 मार्च को अस्पताल में भर्ती किया गया और 1 अप्रैल 2026 को सफल ओपन हार्ट सर्जरी की गई। आज बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।

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कलेक्टर संजय अग्रवाल ने गरीब परिवार की नन्ही बच्ची के सफल ऑपरेशन पर खुशी प्रकट की है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम को बधाई दी है।इस पूरे कार्य में चिरायु नोडल डॉक्टर डॉ. सौरभ शर्मा, बिलासपुर सीएमएचओ डॉ शुभा गरेवाल,मस्तूरी बीएमओ डॉक्टर अनिल, बीपीएम भूपेंद्र देवांगन, डॉ मनीष सिंह, डॉक्टर सोनम धर्म बरगाह एवं पूर्णिमा सहित पूरी चिरायु टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।बच्चे के माता-पिता ने स्वास्थ्य विभाग, चिरायु टीम एवं छत्तीसगढ़ शासन का दिल से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए सच में जीवनदायिनी साबित हो रही है।

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