बैकुंठपुर : कोरिया जिले के बैकुंठपुर सिटी कोतवाली क्षेत्र में एक महिला ने अपनी बेटी के साथ मिलकर पति की हत्या करवा दी। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अशोक कुर्रे पत्नी और बेटी के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता था। मां-बेटी ने इससे परेशान होकर एक चूड़ी बेचने वाले को हत्या की सुपारी दे दी थी।
बैकुंठपुर सिटी कोतवाली क्षेत्र के बड़गांव ग्राम पंचायत के कोसा बाड़ी सड़क पर मौजूद पुलिया के नीचे 29 मार्च को एक युवक की लाश मिली थी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू की। पुलिस ने जांच में पाया कि मृतक खुटरापार का रहने वाला अशोक कुर्रे है।
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अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती थी. हालांकि, पुलिस ने कड़ी से कड़ी को मिलाना शुरू किया और देखते ही देखते वो हत्यारों तक पहुंच गई। महज 36 घंटे के भीतर पुलिस ने हत्या के कारणों का खुलासा कर दिया और हत्या में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे ने प्रेस वार्ता कर इस घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मृतक की पत्नी और बेटी ने चार अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने मां-बेटी समेत सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में मां-बेटी ने बताया कि मृतक अशोक दोनों के साथ काफी मारपीट करता था।
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मामले की जांच करने के लिये फारेसिंक और डॉग स्क्वाड का टीम को मौके पर बुलाया गया है। दरी और बोरी को पुलिया से बाहर निकालकर खोलने पर एक सप्ताह पुरानी लाश देखी गई। शव की पहचान खुटरापारा निवासी अशोक कुमार कुर्रे के रूप में हुआ है। 26 मार्च को मृतक अशोक कुमार कुर्रे की पत्नि सांता कुरें ने अपने पति के गुमसुदगी की रिर्पोट थाने में दर्ज करवाई थी। मृतक एसईसीएल महाप्रबंधक कार्यालय में अस्थाई रूप से फाइल बाइडिंग और चाय पिलाने का कार्य करता था।
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पूर्व परिचित एक अन्य महिला शहनाज खान पति करीमुददीन खान एवं उसके बेटे तौसिफ खान (बाबू) जिससे मृतक की बेटी का पूर्व से मित्रता थी। तौसिफ उसकी माँ शहनाज एवं अमानुल खान (बाबा) ने 1 लाख रुपये में मर्डर करने का सौदा तय हुआ। मौका देखकर 19 मार्च की रात 10 बजे तौसिफ एवं उसके दोस्त अमानुल खान को सरिता कुर्रे ने घर पर बुलाया। पीछे का दरवाजा खोलकर कमरे में छुपा दिया। तौसिफ और अमानुल खान चिकन, मटन काटने के धारदार हथियार चापड के साथ मृतक अशोक के आने का इंतजार कर रहे थे।
अशोक कुर्रे घर आकर खाना खाकर बाहर के कमरे में खटिया में सो गया। उसके सोते ही उसकी बेटी सरिता ने तौसिफ और बाबू खान को बुलाया। नाबालिग बच्चों को दूसरे कमरे में सुलाकर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया गया था। तौसिफ और अमानुल खान ने धारदार हथियार से अशोक कुर्रे के सिर और गर्दन पर वार कर मौत की नींद सुला दी।
इस दौरान अशोक के पत्नि एवं बेटी भी उसके पैर को पकडे हुए थे। मृतक के शव को दरी और बोरी में लपेटकर और रस्सी से बांधकर बाइक में रखकर बडगांव के कोसाबारी के समीप पुलिया के नीचे फेंककर तौसिफ और अमानुल खान वापस अपने घर चले गए। तय सौदे के अनुसार मृतक की बेटी सरिता ने 4 हजार रुपये तौसिफ को दिया बाकी रकम बाद में देने की बात कही।