बालोद/गुंडरदेही: 32% से 20% के आरक्षण कटौती के विरोध में 8 अक्टूबर को नेशनल हाईवे के चक्का जाम के प्रभारी गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष को मिला प्रभार, उन्होंने दुर्ग संभाग के समस्त आदिवासी भाइयों से अपील करते हुए 8 अक्टूबर को नेशनल हाईवे में होने वाले चक्का जाम पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है।
राजनांदगांव के गोंडवाना भवन में आज छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज का बैठक संपन्न, 10 हजार से ऊपर आदिवासी समाज के कार्यकर्ता पहुंचने की उम्मीद*
आदिवासी समाज का 32% आरक्षण से 20% करने पर, 3 संभाग में होगा चक्का जाम, पूर्व विधायक आरके राय ने बताया कि हाई कोर्ट में प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि मंडल के द्वारा आदिवासियों को गुमराह में रखकर हाईकोर्ट के जवाब बनाया गया है जिससे पूरा छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज एक होकर 8 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के 3 संभाग में बड़े रूप से हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के कार्यकर्ता नेशनल हाईवे में करेंगे चक्का जाम जैसे कि राजनांदगाँव ज़िला (दुर्ग संभाग) मीटिंग सम्पन्न हुआ जिसमें 8 अक्टूबर को आदिवासी समाज द्वारा चक्का जाम चिचोला नैशनल हाईवे क्रमांक 06 में 12 बजे से चक्का जाम छत्तीसगड़ तीन संभाग में में कार्यक्रम होगा सरगुज़ा बस्तर व राजनांदगाँव मैं सरकार के खिलाफ भूपेश बघेल सरकार द्वारा अनुसूचित जन जाति समाज के आरक्षण 32 प्रतिशत से घटा कर 20 प्रतिशत में आग ये हाई कोर्ट का फ़ैसला 19 सितंबर को आया है वर्तमान सरकार हाईकोर्ट में रुचि नही दिखाई सरकार के ख़िलाफ़ आदिवासी समाज आंदोलन के रास्ते पर,,,, आगे श्री राय ने बताया कि राजनांदगांव चिचोला नेशनल हाईवे पर हजारों की संख्या में आदिवासी समाज सरकार के खिलाफ करेंगे चक्का जाम।।
गौर करने वाली बात है,,,, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार को लगभग 4 वर्ष पूर्ण होने जा रहा है,,, जिसमें अचानक आदिवासी समाज में पूरे छत्तीसगढ़ अपने संगठन को मजबूत करने इस बार, आपको बता दें कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद को सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक बनाने पर एवं गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के दबंग आदिवासी नेता जो छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज बालोंद के जिला अध्यक्ष नियुक्ति होने के बाद से आदिवासी समाज दिन प्रतिदिन एक कदम विकास की ओर है वर्तमान में आरक्षण को लेकर पहली बार पूरे छत्तीसगढ़ में बड़ा आंदोलन की रूपरेखा आदिवासी समाज के संरक्षक सांसद मोहन मंडावी एवं केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में समाज हित में काम करते दिख रहे हैं वास्तविक में लड़ाई से कहीं कांग्रेस को नुकसान ना हो जाए क्योंकि आदिवासी समाज दावे के साथ कह रहे हैं कि पूर्ववर्ती सरकार में आदिवासी समाज को 32 परसेंट आरक्षण का लाभ ले रहे थे पर अचानक हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य के कांग्रेस सरकार हाईकोर्ट के जवाब नहीं देने का आरोप में आदिवासी समाज कांग्रेश को कटघरे में खड़ा कर दिए हैं।,,, उक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूर्व विधायक राजेंद्र राय ने दिया है।








