Chhattisgarh: ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरसे, सड़क निर्माण में लगा टैंकर बना सहारा, जन चौपाल में जब मंत्री तक पहुंची बात तब…

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बालोद: बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण टैंकर के पानी तो कभी एक किलोमीटर दूर दूसरे गांव से पानी लाकर प्यास बुझाने को मजबूर हैं. मंत्री के जन चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधि की पोल खोली, जिसके बाद मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई.

बात हो रही है छत्तीसगढ़ सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया के विधानसभा क्षेत्र डौंडीलोहारा अंतर्गत आने वाले बालोद जिले के ग्राम पंचायत बिटाल के आश्रित गांव हितकसा की. इस गांव में लगभग 70 घर हैं, जहां ग्रामीण गर्मी के दिनों में पानी की एक बूंद के लिए तरसते हैं. कहने को तो गांव में 10 हैंड पंप व एक वाटर प्यूरीफायर लगा है, लेकिन वाटर प्यूरीफायर में एक घंटे से ज्यादा पानी नहीं निकलता और 10 हैंड पंप में से केवल दो ही चालू हैं, जिसमें भी गंदा पानी निकलता है.

लिहाजा, गांव की महिलाएं हितकसा से लगभग एक किलोमीटर दूर गांव झिकाटोला से पानी लाते हैं तो कभी गांव से निकलने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में लगे एजेंसी की पानी टैंकर से पानी भर प्यास बुझाते हैं. गांव में खोदा गया एक बोर ग्रामीणों के लिए सहारा था, जिसमें लगे टेंपरेरी बिजली कनेक्शन को भी लगभग 6 माह से काट दिया गया है. महिलाएं वोट नहीं देने पर सरपंच के भेदभाव करने का आरोप लगाते हैं, वहीं सरपंच अपने ऊपर लगे आरोप को निराधार बताते हुए पानी का वाटर लेवल नीचे चले जाने व पीएचई विभाग को जानकारी देने की बात कहते दो-तीन दिन में पानी की समस्या दूर करने की बात कहती है.

सुशीला बाई यादव बताती है कि सरपंच ने हमारे बोर का कनेक्शन कटवा दिया है. झिकाटोला से पानी लाते है, तो कभी नेशनल हाइवे का निर्माण कर रहे टैंकर का पानी लेने इंतजार करते हैंस तब जाकर प्यास बुझती है. मंत्री अनिला भेड़िया से शिकायत की है, कार्रवाई का आश्वासन मिला है. वहीं यशोदा बाई बताती हैं कि उनके गांव में हैंड पम्प तो लगा है, लेकिन किसी में गंदा पानी तो किसी में पानी ही नहीं आता. सरपंच पवन बाई हमको वोट नहीं दिए हो बोलकर गांव के हैंड पम्प को नहीं बनवाती और बोर लगा था, उसका भी कनेक्शन कटवा दिया है. अब बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं.

यह मामला तब उजागर जब मंत्री अनिला भेड़िया गांव में जन चौपाल कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों की समस्याएं सुनने पहुंची. इस दौरान महिलाओं ने पंचायत प्रतिनिधि व प्रशासन की पोल खोलते हुए समस्या से अवगत कराया. इस पर मंत्री ने तत्काल सरपंच और सचिव से चर्चा कर जल्द पानी की समस्या दूर करने के आदेश दिए, वहीं अनुविभागीय अधिकारी ने मंत्री के आदेश के बाद तत्काल एक बोर करवाने व पाइपलाइन विस्तार के लिए सर्वे कराने की बात कही. बहरहाल, देखने वाली बात होगी ग्रामीणों द्वारा मंत्री के पास रखी समस्या और मंत्री के आदेश का कब तक और कितना अमल होता है, या फिर इसी तरह सड़क निर्माण में लगे टैंकर व 1 किलोमीटर दूसरे गांव से पानी लाकर ग्रामीण अपनी प्यास बुझाते रहेंगे.

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