Junaid-Nasir Case : गौ तस्करी को लेकर जिंदा जलाए गए जुनैद-नासिर केस में मंगलवार को राजस्थान पुलिस ने हरियाणा में रेड की। पुलिस हत्या के आरोपी और हरियाणा गौरक्षा प्रमुख मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर की गिरफ्तारी के लिए मानेसर गांव पहुंची। मोनू समर्थकों को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध करते हुए दिल्ली-जयपुर नेशनल हाइवे जाम कर दिया।
यह भी पढ़ें :-Raipur: राज्यपाल अनुसुईया उइके को आज भावभीनी विदाई दी गई…
मोनू समर्थकों ने मानेसर में ही हिंदू महापंचायत भी की। महापंचायत में सीधे तौर पर राजस्थान पुलिस को चुनौती दी गई। पंचायत में शामिल लोगों ने कहा कि राजस्थान पुलिस मोनू मानेसर के घर अपने पैरों पर तो जरूर आएगी, लेकिन वापस नहीं जा सकेगी। हालांकि, महापंचायत के दौरान ही राजस्थान पुलिस ने मोनू के घर छापा मारा था। वहीं गुरुग्राम पुलिस ने मोनू का हथियार लाइसेंस कैंसिल कर दिया है।
यह भी पढ़ें :-Selfie Controversy: सोशल मीडिया ‘इंफ्लुएंसर’ की मांग, क्रिकेटर पृथ्वी शॉ के खिलाफ दर्ज हो प्राथमिकी
महापंचायत में कहा गया कि मोनू मानेसर को साजिश के तहत इस केस में फंसाया जा रहा है। चूंकि मोनू मानेसर और उसके साथियों ने पिछले 8 सालों में अपनी जान की परवाह किए बगैर गाय माता को बचाया है। कुछ लोग राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर मोनू को जेल में डालने की साजिश कर रहे हैं। अगर बजरंग दल जैसे संगठन और मोनू मानेसर जैसे युवा नहीं होते तो आज इस छोटे से हिस्से को ये लोग मिनी पाकिस्तान बना देते। इलाके के लोग मोनू के समर्थन में खड़े हैं।
मोनू मानेसर के समर्थन में 4 दिन से प्रदर्शन हो रहा है। सोमवार को ही गुरुग्राम की सड़कों पर युवाओं ने प्रदर्शन किया था। इससे पहले विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल मोनू मानेसर का समर्थन कर चुके हैं।
जानिए क्या है मामला
जुनैद (35) और नासिर (28) दोनों राजस्थान के जिला भरपुर के गांव घाटमीका के रहने वाले थे। ये गांव हरियाणा बॉर्डर के नजदीक है। जुनैद के चचेरे भाई इस्माइल ने 15 फरवरी को गोपालगढ़ थाना (भरतपुर) में दोनों के अपहरण और मारपीट का केस दर्ज कराया है। अगले दिन 16 फरवरी को जुनैद और नासिर की लाश हरियाणा में भिवानी जिले के कस्बा लोहारू में जली हुई हालत में मिली थी। दोनों के कंकाल बोलेरो गाड़ी में मिले थे। इस मामले में भरतपुर पुलिस ने अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है।
मोनू मानेसर और हरियाणा पुलिस पर आरोप
इस मामले में मृतक जुनैद और नासिर के परिवार वालों ने हरियाणा के फिरोजपुर-झिरका की पुलिस व बजरंग दल के गौरक्षा प्रमुख मोनू मानेसर पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजन का कहना है कि दोनों को पहले हरियाणा पुलिस ने गाड़ी से टक्कर मारी और फिर अधमरी हालत में बजरंग दल वालों को सौंप दिया, जिन्होंने दोनों को जलाकर मार डाला।
यह भी पढ़ें:-Raipur: खंडहर की खुदाई में मिली तिजोरी, थाने तक लाने में पुलिस के छूटे पसीने…
वहीँ नासिर और जुनैद को जलाने के खिलाफ जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्र सड़कों पर उतर आए। उन्होंने इस मामले में CBI जांच की मांग की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि हमने हर बार इस देश को अपने खून से सींचा है। अब कुछ लोग पैदा हो गए हैं जिनका आजादी में कोई योगदान नहीं है। अब वो हमारे खून से इस देश की जमीन को लाल करना चाहते हैं। ये लोग सरकार में बैठे हुए हैं या सरकार के हिमायती हैं। वो सरकार की पार्टी के लोग हैं। इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।








