Kolkata: अमित शाह ने धारा 355 या 356 लागू करने की मांग की

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Kolkata: केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने राज्य काी बिगड़ी कानून व्यवस्था के मद्देनजर बंगाल बीजेपी के राज्य में धारा 355 या धारा 356 लागू करने की मांग को पूरी तरह से खारिज कर दी. इसके साथ ही कहा कि बंगाल के नेताओं को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी. किसी भी निर्वाचित सरकार को इस तरह से हटाया नहीं जा सकता है. उन्होंने साफ कहा कि संगठन को मजबूत करना होगा और खुद को विधानसभा चुनाव 2026 के लिए तैयार करना होगा.

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अमित शाह ने शुक्रवार को कोलकाता में पार्टी नेताओं के साथ बैठक की. इस बैठक में अमित शाह ने साफ कहा कि बंगाल में पार्टी को खुद ही अपनी लड़ाई लड़नी होगी. केंद्रीय नेतृत्व उनके पास है. बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद अमित शाह ने पहली बंगाल बंगाल आए थे.

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बंगाल दौरे के दौरान उन्होंने बीजेपी के साथ बैठक की और साफ कर दिया कि हताश होने की जरूरत नहीं है. बंगाल विधासनभा चुनाव में बीजेपी ने 77 सीटों पर जीत हासिल की थी. बता दें कि लगातार बंगाल बीजेपी के नेताओं में आपसी अंतरकलह की खबरें आती रहती हैं और बीजेपी के नेताओं में घमासान मचा हुआ है.

Kolkata:अमित शाह ने कहा-

ममता बनर्जी से सीखें कैसे लड़ी थीं माकपा के साथ लड़ाई पार्टी सूत्रों के अनुसार बंगाल बीजेपी नेताओं के साथ बैठक में अमित शाह ने ममता बनर्जी का उदाहरण देते हुए कहा किममता बनर्जी जब लड़ने आईं तो उन्हें सीपीएम ने कम नहीं पीटा था. वह अपनी लड़ाई खुद लड़ी थी, लेकिन वह वही कर रही हैं जो सीपीएम ने उनके साथ किया था. जब वह विरोधी दल में थे, तो उनके खिलाफ कम अत्याचार नहीं हुआ है.

उनके खिलाफ कई हत्या के मामले दायर किए गए हैं. उन्होंने अपनी लड़ाई खुद लड़ी. अमित शाह ने साफ कहा,” ममता बनर्जी ने आपलोगों की सीखना होगा, किस तरह से माकपा से मार खाने के बावजूद भी उन्होंने अपनी लड़ाई लड़ी थी और राज्य में परिवर्तन लाया था. आप लोगों को इसी तरह से लड़ना होगा.”

2026 के विधानसभा चुनाव के लिए खुद को करना होगा तैयार पार्टी सूत्रों के अनुसार अमित शाह ने कहा, “मजबूत बनने के लिए हमें खुद से लड़ना होगा. खुद की लड़ाई खुद लड़नी होगी. 2026 में सरकार गठन का लक्ष्य करना लक्ष्य है. बूथों को मजबूत होने के लिए खुद से लड़ना होगा. अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी. आपस में मतभेद मिटाकर काम करना होगा. यदि कोई एमपी या विधायक बोलता है, तो उसकी बात अंतिम है. ” उन्होंने कहा कि सुकांत मजूमदार और शुभेंदु अधिकारी को विशेष जिम्मेदारी लेनी होगी और लड़ाई लड़नी होगी.

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