अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : “Save Himalayas, Save Earth: An Eco-Nari Vision” विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन

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International Women’s Day : अमिटी लॉ स्कूल, नोएडा, अमिटी यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के जेंडर जस्टिस एंड चाइल्ड राइट्स क्लब ने 11 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “Save Himalayas, Save Earth: An Eco-Nari Vision” विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी (National Symposium) का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह कार्यक्रम IJA Foundation Trust के सहयोग से आयोजित किया गया।

यह कार्यक्रम डॉ. अशोक के. चौहान, माननीय संस्थापक अध्यक्ष, अमिटी एजुकेशन ग्रुप के दूरदर्शी नेतृत्व और आशीर्वाद में तथा डॉ. अतुल चौहान, कुलपति, अमिटी यूनिवर्सिटी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम को प्रो. (डॉ.) बलविंदर शुक्ला, कुलपति, अमिटी यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश का भी सहयोग प्राप्त हुआ।

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संगोष्ठी की शुरुआत प्रो. (डॉ.) शेफाली रायज़ादा, निदेशक, अमिटी लॉ स्कूल, नोएडा द्वारा दिए गए स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद प्रो. (डॉ.) डी. के. बंद्योपाध्याय, चेयरमैन, अमिटी लॉ स्कूल ने स्वागत संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने पर्यावरणीय शासन को लैंगिक न्याय और सामुदायिक नीति ढाँचों के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिष्ठित अतिथियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति रही। श्री नितिन कुमार भटनागर, ट्रस्टी, IJA Foundation Trust ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया और संस्था की पहलों तथा सामुदायिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, विधिक जागरूकता, शिक्षा और सामाजिक उत्थान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के बारे में जानकारी दी।

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वर्ष 2020 में स्थापित IJA Foundation Trust एक सामाजिक प्रभाव संगठन है, जो सतत विकास, सामाजिक न्याय और समावेशी प्रगति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। यह संस्था जमीनी स्तर पर सामुदायिक कल्याण पहलों को समर्थन देने, पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने, महिला-नेतृत्व वाले विकास को प्रोत्साहित करने तथा शैक्षिक और विधिक जागरूकता कार्यक्रमों को संचालित करने के लिए कार्यरत है। शैक्षणिक संस्थानों और नागरिक समाज संगठनों के साथ साझेदारी के माध्यम से यह संस्था समुदायों को सशक्त बनाने और अधिक न्यायसंगत तथा सतत भविष्य के लिए जिम्मेदार नागरिकता को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखती है।

संगोष्ठी का मुख्य भाषण पद्मश्री और पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी द्वारा दिया गया, जो Himalayan Environmental Studies and Conservation Organization (HESCO) के संस्थापक हैं। अपने संबोधन में उन्होंने हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की नाजुकता को रेखांकित करते हुए इसके संरक्षण की तात्कालिक आवश्यकता पर बल दिया और पर्यावरण संरक्षण तथा सतत सामुदायिक प्रथाओं में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

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कार्यक्रम को श्रीमती ममता कुमारी, सदस्य, राष्ट्रीय महिला आयोग, भारत सरकार की उपस्थिति ने और समृद्ध बनाया। उन्होंने पर्यावरणीय शासन और सतत विकास नीतियों में महिलाओं को प्रमुख हितधारक के रूप में सशक्त बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला।

चर्चा में अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण जोड़ते हुए एकातेरिना लाजारेवा, थर्ड सेक्रेटरी, रूस संघ के भारत स्थित दूतावास ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने पर्यावरणीय चुनौतियों और जलवायु परिवर्तन से निपटने में वैश्विक सहयोग और युवाओं की भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

संगोष्ठी का मुख्य विषय महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के बीच के गहरे संबंध को रेखांकित करता है, विशेष रूप से पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र के संदर्भ में। चर्चाओं में इस बात पर बल दिया गया कि यदि महिलाओं को ज्ञान, संसाधन और नेतृत्व के अवसर प्रदान किए जाएँ, तो संरक्षण प्रयासों और जलवायु अनुकूलन क्षमता को काफी मजबूत किया जा सकता है।

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इस संगोष्ठी को शैक्षणिक क्षेत्र से अत्यंत उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जिसमें देशभर के विभिन्न संस्थानों के विद्वानों, शिक्षाविदों और छात्रों द्वारा 63 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। इससे पर्यावरणीय शासन और लैंगिक न्याय पर अंतर्विषयक चर्चाओं में बढ़ती रुचि का पता चलता है।

कार्यक्रम में Best Paper Awards की भी घोषणा की गई, जिसमें पर्यावरणीय शासन, जलवायु न्याय और लैंगिक समावेशी नीति ढाँचों पर उत्कृष्ट शोध प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों की घोषणा डॉ. एकता गुप्ता, चेयरपर्सन एवं फैकल्टी कंवीनर, जेंडर जस्टिस एंड चाइल्ड राइट्स क्लब द्वारा की गई।

कार्यक्रम का समापन अमिटी यूनिवर्सिटी के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा विशिष्ट अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. एकता गुप्ता द्वारा प्रस्तुत किया गया।

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यह संगोष्ठी डॉ. एकता गुप्ता, चेयरपर्सन, जेंडर जस्टिस एंड चाइल्ड राइट्स क्लब के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। कार्यक्रम की सफलता छात्र आयोजन समिति के समर्पित प्रयासों से संभव हो सकी, जिसमें धैर्य धिंगरा (स्टूडेंट कंवीनर), जीविशा पुंडीर (स्टूडेंट को-कंवीनर), ऋषभ खन्ना (डिप्टी कंवीनर), रेमॉन मत्ता (डिप्टी को-कंवीनर) सहित पूरी छात्र टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनकी मेहनत और प्रतिबद्धता से कार्यक्रम का सफल संचालन संभव हुआ।

इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, छात्रों और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह पर्यावरणीय न्याय, महिला नेतृत्व और सतत विकास पर सार्थक संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया।

यह संगोष्ठी अमिटी लॉ स्कूल, नोएडा की उस प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करती है, जिसके तहत वह सामाजिक रूप से उत्तरदायी विधिक शिक्षा को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण तथा लैंगिक न्याय जैसे वैश्विक चुनौतियों पर अंतर्विषयक चर्चाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्यरत है।

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