बिहान योजना से आत्मनिर्भर बनी ग्राम झलमला की जानकी धुर्वे

0
23
बिहान योजना से आत्मनिर्भर बनी ग्राम झलमला की जानकी धुर्वे

रायपुर, 04 फरवरी 2026 : छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। इस योजना से जुड़कर महिलाएं अपने हुनर और मेहनत से आजीविका के नए रास्ते बना रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है कबीरधाम जिले के ग्राम झलमला की जानकी धुर्वे की, जिन्होंने स्वयं सहायता समूह और बिहान योजना के सहयोग से सब्जी उत्पादन को अपनाकर न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी कायम की है।

जानकी धुर्वे वर्ष 2013 से बिहान योजना से जुड़ी हैं और “माँ शीतला स्वयं सहायता समूह” की सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत करना सीखा और जरूरत के समय ऋण भी मिला। रोजगार शुरू करने के लिए उन्होंने समूह से 1 लाख रुपये का ऋण लिया। इस राशि से जानकी धुर्वे ने सब्जी की खेती शुरू की। उन्होंने बैंगन, पत्ता गोभी और आलू की खेती की। मेहनत और सही देखभाल से फसल अच्छी हुई। वे अपनी सब्जियां आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूलों के मध्यान्ह भोजन, स्थानीय बाजार और मंडी में बेचती हैं। बाजार आसानी से मिलने के कारण उन्हें अच्छा दाम मिलता है।

इसे भी पढ़ें :-खनन परियोजनाओं का हो गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध क्रियान्वयन- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

आज जानकी धुर्वे हर साल लगभग 1.5 से 2 लाख रुपये की कमाई कर रही हैं। इस कमाई से वे समय पर ऋण चुका रही हैं और अपने परिवार की जरूरतें भी अच्छे से पूरी कर पा रही हैं।

जानकी धुर्वे आगे एकीकृत फार्मिंग क्लस्टर के तहत सब्जी उत्पादन को और बढ़ाने की योजना बना रही हैं। आने वाले समय में वे टमाटर और प्याज की खेती भी शुरू करेंगी, जिससे उनकी आमदनी और बढ़ेगी। बिहान योजना, स्वयं सहायता समूह और महिलाओं की मेहनत से गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। आज जानकी धुर्वे न केवल अपने परिवार का सहारा बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here