राजीव गांधी मर्डर केस की दोषी नलिनी जेल से हुई रिहा…सुप्रीम कोर्ट ने दिया था रिहाई का आदेश

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राजीव गांधी मर्डर केस की दोषी नलिनी जेल से हुई रिहा...सुप्रीम कोर्ट ने दिया था रिहाई का आदेश

नई दिल्ली : 1991 के तत्कालीन पीएम राजीव गांधी के मर्डर के 6 दोषियों में से एक नलिनी श्रीहरन को शनिवार को वेल्लोर जेल से रिहा कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने नलिनी को रिहा करने के आदेश दिए थे। नलिनी आजीवन कारावास की सजा काट रही थी।

जानिए पूरा मामला

21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनावी रैली के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया था। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी मारे गए थे। महिला की पहचान धनु के तौर पर हुई थी। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें पेरारिवलन, मुरुगन, संथन, रविचंद्रन, रॉबर्ट पायस, जयकुमार और नलिनी श्रीहरन शामिल थे।

1998 में टाडा अदालत ने पेरारिवलन, मुरुगन, संथन और नलिनी को मौत की सजा सुनाई थी। राहत नहीं मिलने के बाद पेरारिवलन और अन्य दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। साल 1999 में सुप्रीम कोर्ट ने सजा को बरकरार रखा। 2014 में इसे आजीवन कारावास में बदल दिया गया।

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2008 में जब जयललिता तमिलनाडु की मुख्यमंत्री थीं, तो उन्होंने कैबिनेट से सातों दोषियों की रिहाई के लिए प्रस्ताव पास किया। जिसे राज्यपाल को भेजा गया था। राज्यपाल ने उसे राष्ट्रपति के पास भेजा। तब से ये मामला लंबित था। 2018 में फिर से तमिलनाडु सरकार ने दोषियों की रिहाई के लिए प्रस्ताव पास करके राज्यपाल के पास भेजा था।

इस बीच दोषी पेरारिवलन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसी साल मई में पेरारिवलन की याचिका पर सुनवाई करते हुए अनुच्छेद 142 का हवाला देते हुए रिहा कर दिया। इसके बाद अन्य छह दोषियों ने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया। जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुक्रवार को पेरारिवलन के मामले में दिए गए फैसले को अन्य सभी दोषियों पर लागू करने का आदेश दिया।

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