भिलाई : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को, छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि, वर्तमान विदेश में जिस प्रकार का वातावरण बना हुआ है उस वातावरण के कारण केवल उन देशों का ही वातावरण और आर्थिक स्थिति ही खराब नहीं हो रही है, बल्कि अन्य देशों की भी जिससे आर्थिक रूप से संबंधित है।
देश आज महंगाई और बेरोजगारी की भीषण मार झेल रहा है। रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल, खाद्य तेल, दाल, आटा, चावल, सब्जियां, बिजली और दवाइयां जैसे आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही है। जिससे आम नागरिक का जीवन कठिन हो गया है।
गरीब किसान मजदूर छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग के परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध और तनाव के कारण भारत में ऊर्जा संकट, भारत से खाड़ी सहयोग परिषद को होने वाले मुख्य एक्सपोर्ट में इंजीनियरिंग सामान, टेक्सटाइल, चावल, मशीनरी, जेम्स और ज्वेलरी शामिल है।
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कच्चे तेल, घरेलू गैस और सोने जैसे कीमतें मेटल की कीमतों में वृद्धि हुई है। जिसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और बाजार पर पड़ रहा है। इसके कारण परिवहन लागत बढ़ रही है और हर जरूरी वस्तु महंगी होती जा रही है। जिससे जनता पर महंगाई का भाई बोझ पड़ रहा है। दूसरी ओर देश का युवा बेरोजगारी से जूझ रहा है।
पढ़े लिखे नौजवान रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। छोटे उद्योग और व्यापार भी आर्थिक दबाव और महंगाई के कारण कमजोर हो रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं। यह स्थिति देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था दोनों के लिए चिंता जनक है। इसलिए उद्योगों पर इसका असर कम होगा। अगर युद्ध लंबे समय तक जारी रहा तो भारत को व्यापार में काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्योंकि हमारा भारत देश 90% तेल पर निर्भर है।
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सरकार को तुरंत महंगाई पर नियंत्रण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस कदम उठाने चाहिए। पेट्रोल_डीजल और रसोई गैस के दाम कम किया जाए। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित किया जाए और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किया जाए। सरकार से चाहिए कि वह गरीब किसान और आम नागरिक को राहत देने के लिए प्रभावी आर्थिक नीतियां लागू करें देश की जनता आज जिम्मेदार नेतृत्व और ठोस निर्णय की अपेक्षा कर रही है, ताकि हर परिवार को राहत मिल सके और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।








