मोदी राज में देश की अर्थव्यवस्था बदहाल, डॉलर के मुकाबले रुपया सर्वकालिक निचले स्तर पर

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मोदी राज में देश की अर्थव्यवस्था बदहाल, डॉलर के मुकाबले रुपया सर्वकालिक निचले स्तर पर

रायपुर/25 दिसंबर 2024। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 2014 से पहले रुपए के अवमूल्यन पर मोदी जी स्वयं कहा करते थे कि केवल मुद्रा ही नहीं उसके साथ देश की शाख भी गिरती है, देश की प्रतिष्ठा पर असर पड़ता है,

रुपया उसी देश का गिरता है जहां की सरकार भ्रष्ट और गिरी हुई हो, अब विगत दस वर्षों से मोदी जी अवमूल्यन का रिकॉर्ड बना रहे हैं। अब तो रुपया टूटकर सर्वकालिक निचले स्तर पर 85.15 रुपए प्रति डॉलर पर आ गया है लेकिन मोदी जी मौन हैं। जीडीपी विकास दर सरकार के अनुमान से बेहद पीछे है।

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देश पर कुल कर्ज का भार लगातार बढ़ रहा है, विदेशी मुद्रा भंडार कम हो रहे हैं, निर्यात घट रहे हैं और आयात पर निर्भरता बढ़ रही है ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत घटने से सीधे तौर पर महंगाई बढ़ेगी। आयातित वस्तुओं पर अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी। आम जनता को राहत और रियायत की उम्मीद है लेकिन केंद्र की मोदी सरकार का फोकस केवल अपने चंद पूंजीपति मित्रों के मुनाफे पर केंद्रित है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी का वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी सरकार महंगाई को नियंत्रित कर पाने में पूरी तरह नाकाम रही है। 100 दिन में महंगाई कम करने का झांसा देकर सरकार में आए, अब जवाबदेही से भाग रहे हैं। भाजपा सरकार में हम भुखमरी इंडेक्स में लगातार बिछड़ते जा रहे हैं।

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मोदी सरकार के गलत आर्थिक नीतियों के चलते देश की अर्थव्यवस्था तेजी से उल्टे पांव भाग रही है। देश पर कुल कर्ज का भार 2014 की तुलना में तीन गुना अधिक हो चुका है, नवरत्न कंपनी होने दम पर बेची जा रहे हैं। एक तरफ लोगों के पास रोजगार नहीं है वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार के विभागो और सरकारी उपक्रमों में ही 25 लाख से अधिक पद रिक्त हैं।

सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय होने धाम पर सरकारी उपक्रम अपने मित्रों को बेच रही है, युवाओं के सरकारी नौकरी के अवसर को खत्म कर रही है। घटती आमदनी और बढ़ते महंगाई से आम जनता का जीना दुभर हो गया है। सरकार के कुप्रबंधन के चलते रुपए के लगातार अवमूल्यन से डीजल पेट्रोल से लेकर आम उपभोग की वस्तुएं और महंगी होगी।

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