2047 तक सिकलसेल मुक्त भारत का संकल्प, छत्तीसगढ़ में 1.65 करोड़ से अधिक की जांच

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2047 तक सिकलसेल मुक्त भारत का संकल्प, छत्तीसगढ़ में 1.65 करोड़ से अधिक की जांच

रायपुर, 20 दिसंबर 2025 : प्रधानमंत्री द्वारा 1 जुलाई 2023 को प्रारंभ किए गए सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत वर्ष 2047 तक सिकल सेल को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य में 0 से 40 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों की व्यापक सिकल सेल स्क्रीनिंग कर सिकल सेल कार्ड का वितरण किया जा रहा है।

राज्य में अब तक लगभग 1 करोड़ 65 लाख लोगों की सिकल सेल जांच कर भारत सरकार के पोर्टल पर पंजीयन किया जा चुका है। इनमें 3 लाख 35 हजार से अधिक सिकल सेल वाहक तथा 27 हजार 135 सिकल सेल मरीजों की पहचान हुई है। सभी चिन्हित सिकल सेल मरीजों को राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क दवाइयां, परामर्श और सतत उपचार सुविधा प्रदान की जा रही है।

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सिकल सेल प्रबंधन की दिशा में उल्लेखनीय तैयारी की है। विगत दो वर्षों में शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सिकल सेल उपचार में प्रयुक्त हाइड्रोक्सीयूरिया दवा की खपत 1 लाख कैप्सूल से बढ़कर 5 लाख कैप्सूल तक पहुंच गई है, जो उपचार की निरंतरता और पहुंच का प्रमाण है। इसके साथ ही, पिछले एक वर्ष में 5,232 सिकल सेल मरीजों का फॉलोअप किया गया है, जिससे सिकल सेल क्राइसिस और रक्त की आवश्यकता में कमी लाई जा रही है।

विभाग द्वारा सभी सिकल सेल मरीजों की हर तीन माह में निःशुल्क रक्त, लीवर एवं किडनी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उल्लेखनीय है कि जशपुर जिला देश में पहला जिला बना है, जहां लक्षित जनसंख्या की शत-प्रतिशत सिकल सेल स्क्रीनिंग पूर्ण की गई है।

सिकल सेल मरीजों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए राज्य शासन द्वारा पात्र मरीजों को नियमानुसार दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जा रहे हैं। साथ ही, मरीजों की सुविधा हेतु मेडिसिन चार्ट, पेशेंट बुकलेट, दर्द प्रबंधन दिशानिर्देश सहित अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।

भविष्य की उन्नत चिकित्सा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एम्स, रायपुर में ‘सिकल सेल सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस’ विकसित किया जा रहा है, जहां निकट भविष्य में बोन मैरो ट्रांसप्लांट, जेनेटिक एनालिसिस, CVS टेस्ट जैसी उच्च तकनीकी सेवाएं सिकल सेल मरीजों को उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

राज्य सरकार का यह प्रयास सिकल सेल उन्मूलन की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो 2047 तक स्वस्थ भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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