Uttar Pradesh Budget 2023: योगी सरकार ने पेश किया जंबो बजट, पढ़िए पूरी खबर…

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लखनऊ: योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट बुधवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पेश किया. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में शायरी के माध्यम से योगी सरकार की तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘सुधर गई कानून- व्यवस्था, उद्योगों की अलख जगी. यूपी बना ग्रोथ का इंजन, यह सब पहली दफा समझ, फकत किनारे बैठे-बैठे, लहरों से मत सवाल कर. डूब के खुद गहरे पानी में, पानी का फलसफा समझ.” इससे पहले जैसे ही सुरेश खन्ना ने बजट भाषण पढ़ना शुरू किया, पूरे सदन में जय श्रीराम के नारे लगे. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा ‘वर्ष 2017 के पूर्व, प्रदेश की बेरोजगारी दर 14.4 प्रतिशत थी, आज यह घटकर लगभग 4.2 प्रतिशत हो गयी है. यह प्रदेश की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

इससे पहले सदन की कार्यवाही से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर कैबिनेट की बैठक में बजट के मसौदे पर मुहर लगी. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना एक साथ विधानसभा के लिए निकले. सुरेश खन्ना 11 बजे बजट पेश करेंगे. बताया जा रहा है कि सरकार अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश कर सकती है. करीब सात लाख करोड़ से ज्यादा के बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों और नौजवानों को बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. इसके अलावा 2024 के लोकसभा चुनाव की झलक भी इस बजट में देखने को मिल सकती है. सुबह 11 बजे विधानसभा में बजट पेश होगा. बजट से प्रदेश के पर्यटन उद्योग को नये पंख लगने की भी उम्मीद है.

रोजगार की योजनाओं को बढ़ावा, निशुल्क टैबलेट/लैपटाप वितरण, नवाचार को बढ़ावा देना, वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण, मेरठ में खेल विश्वविद्यालय का निर्माण कौशल विकास मिशन को अधिक धनराशि दिए जाने की भी चर्चा है. इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना को और गति दी जा सकती है. निजी स्कूलों में पढ़ने वाली दो बहनों में से एक की पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा भी सरकार कर सकती है. सरकार इस बार पूंजीगत व्यय (विकास कार्यों) के मद में अधिक धनराशि दे सकती है.

सरकार का फोकस राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए जहां जरूरत है, वहां पर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करने पर विशेष जोर दे सकती है. बुंदेलखंड में पर्यटन विकास को लेकर खास फोकस रहेगा. नैमिषारण्य तीर्थ के विकास पर भी जोर रहेगा. इसके अलावा मुजफ्फरनगर का शुक्र तीर्थ धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा. विभागीय बजट से ही इन कामों को प्राथमिकता से कराने की पहल दिखेगी. पीडब्ल्यूडी, औद्योगिक विकास, नगर विकास, ऊर्जा, जलशक्ति जैसे विभागों को विकास मद में अधिक धनराशि आवंटन की चर्चाएं भी हैं. सरकार गांव, गरीब, किसान व महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए भी अधिक धनराशि दे सकती है.

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