रायपुर, 16 जून 2026 : नगर पालिका परिषद सुकमा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत राशि प्राप्त करने के बाद भी आवास निर्माण कार्य शुरू नहीं करने अथवा अधूरा छोड़ने वाले हितग्राहियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। नगर पालिका द्वारा ऐसे हितग्राहियों को अंतिम अवसर देते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकारी राशि का उपयोग आवास निर्माण में करना अनिवार्य
मुख्य नगर पालिका अधिकारी विनीत साव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को पक्का एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। योजना के तहत प्राप्त राशि का उपयोग केवल आवास निर्माण कार्य के लिए किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों ने प्रथम या द्वितीय किस्त की राशि प्राप्त करने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है या कार्य अधूरा छोड़ दिया है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर हो सकती है
नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी राशि के दुरुपयोग के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे प्रकरणों में संबंधित हितग्राहियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर एफआईआर कराई जा सकती है।
राशि वसूली के लिए संपत्ति कुर्की की भी कार्रवाई संभव
सीएमओ साव ने बताया कि शासन द्वारा जारी राशि की वसूली के लिए राजस्व विभाग के माध्यम से संबंधित हितग्राहियों की भूमि या अन्य संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। इसलिए सभी हितग्राहियों से समय पर आवास निर्माण कार्य पूरा करने की अपील की गई है।
सितंबर के बाद बंद हो जाएगी योजना की भुगतान प्रक्रिया
केंद्र शासन के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत सितंबर माह के बाद किसी भी हितग्राही को अगली अथवा अंतिम किस्त जारी नहीं की जाएगी। इसके बाद हितग्राही के योजना के खातों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
समय पर निर्माण कार्य पूर्ण करने की अपील
नगर पालिका परिषद सुकमा ने सभी लाभार्थियों से अपील की है कि वे अपने आवास निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करें, ताकि योजना का लाभ पूर्ण रूप से प्राप्त कर सकें और किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई से बच सकें। प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सरकारी संसाधनों के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।








