नैनो डीएपी ने बदली खेती की तस्वीर, बंजी के सिया बाई और राय सिंह को मिली सफलात

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नैनो डीएपी ने बदली खेती की तस्वीर, बंजी के सिया बाई और राय सिंह को मिली सफलात

रायपुर,04 अगस्त 2026 : समय के साथ कृषि में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं। इसका उदाहरण मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के ग्राम बंजी के प्रगतिशील किसान सिया बाई और राय सिंह ने प्रस्तुत किया है। दोनों किसानों ने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, चौनपुर से इफको नैनो डीएपी प्राप्त कर अपनी फसल में इसका प्रयोग किया और इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले।

पारंपरिक डीएपी उर्वरक के अपेक्षाकृत अधिक उपयोग से खेती की लागत बढ़ने के बीच नैनो डीएपी के प्रयोग से कम मात्रा में फसल को प्रभावी पोषण उपलब्ध कराने में मदद मिली। किसानों के अनुसार फसल की बढ़वार संतुलित रही, पौधों में हरियाली बनी रही और जड़ों का विकास भी बेहतर दिखाई दिया। इसका असर फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन पर भी नजर आया।

कम खर्च में बेहतर फसल ने बढ़ाया भरोसा

सिया बाई बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें नैनो डीएपी के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और सहकारी समिति से मिली सलाह के बाद उन्होंने इसे अपनी खेती में अपनाने का निर्णय लिया। प्रयोग के बाद मिले परिणाम उनकी उम्मीद से बेहतर रहे। उन्होंने कहा कि कम लागत में अच्छी फसल मिलने से खेती से आय बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई है।

वहीं राय सिंह का कहना है कि नैनो डीएपी का उपयोग करना आसान है और इसका प्रभाव फसल पर स्पष्ट दिखाई देता है। उनके अनुसार पहले जहां अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता पड़ती थी, वहीं अब कम मात्रा में पौधों को पोषण उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। इससे उर्वरक पर होने वाला खर्च कम हुआ है और खेती अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील

सिया बाई और राय सिंह ने जिले के अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार नैनो डीएपी का उपयोग करने की अपील की है। उनका मानना है कि वैज्ञानिक पद्धतियों और नई तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभदायक एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है।

आधुनिक कृषि नवाचार से बढ़ रही किसानों की उम्मीद

ग्राम बंजी की सिया बाई और राय सिंह की सफलता की यह कहानी बताती है कि आधुनिक कृषि नवाचार किसानों के लिए खेती की लागत कम करने और बेहतर उत्पादन की दिशा में उपयोगी साबित हो सकते हैं। नैनो डीएपी के प्रयोग से मिले सकारात्मक अनुभव ने किसान परिवार के भरोसे को बढ़ाया है और कम लागत, बेहतर पोषण तथा लाभकारी खेती की नई संभावनाओं को मजबूत किया है।

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