रायपुर, 6 अगस्त 2026 : बकरी पालन का वैज्ञानिक प्रबंधन करने के लिए सही नस्ल का चुनाव, हवादार आवास, संतुलित आहार और समय पर टीकाकरण जरूरी है। इससे बकरियों का विकास अच्छा होता है और बीमारी का खतरा कम रहता है। व्यवसायिक रूप से अधिक लाभ पाने के लिए पशुधन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना फायदेमंद है।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित त्रिवेणी बकरी महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा 5 एवं 6 अगस्त को दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रोड्यूसर कंपनी के निदेशक मंडल की क्षमता वृद्धि, प्रभावी प्रबंधन, वित्तीय अनुशासन, सुशासन एवं बकरी पालन आधारित आजीविका को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना था।
बकरी पालन के वैज्ञानिक प्रबंधन की कार्ययोजना पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया
कार्यशाला में जशपुर, सरगुजा एवं बलरामपुर जिलों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, क्लस्टर समन्वयकों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान प्रोड्यूसर कंपनी के सफल संचालन, व्यवसाय विस्तार, वित्तीय प्रबंधन, संस्थागत विकास एवं सदस्य-केंद्रित कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार सहित पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य विभागीय अधिकारियों ने बकरी पालन के वैज्ञानिक प्रबंधन, निदेशक मंडल की भूमिका एवं दायित्व, विपणन व्यवस्था, मूल्य संवर्धन तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
बकरी पालन को आजीविका के रूप में बढ़ावा देना
कार्यशाला के दौरान जशपुर, सरगुजा एवं बलरामपुर जिलों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा महिला प्रोड्यूसर कंपनी को अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर और सदस्य हितैषी संस्था के रूप में विकसित करने के लिए साझा रणनीति तैयार करने पर विचार-विमर्श किया।
कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने बकरी पालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने, ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने तथा तीनों जिलों के समन्वित प्रयासों से त्रिवेणी बकरी महिला प्रोड्यूसर कंपनी को प्रदेश की एक सफल एवं आदर्श महिला प्रोड्यूसर कंपनी के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया।








