रायपुर, 10 सितंबर 2026 : छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम मुख्यालय, रायपुर में आज बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल सहित मुख्यालय के अधिकारी-कर्मचारी एवं समस्त बीज प्रबंधक उपस्थित थे।
बैठक में आत्मनिर्भर दलहन योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। चन्द्राकर ने समयबद्ध कार्यप्रणाली, वित्तीय अनुशासन एवं बीज उत्पादन में तेजी लाने के निर्देश दिए। चन्द्राकर ने बैठक में सभी बीज प्रबंधकों से योजना की वर्तमान प्रगति की जानकारी ली तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही साथी पोर्टल पर किसानों एवं सहकारी समितियों के पंजीयन की भी विस्तृत समीक्षा की।
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बीज प्रबंधकों को निर्देशित किया गया कि पंजीयन का कार्य समय-सीमा में पूर्ण कर ली जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को बीज उत्पादन कार्यक्रम से जोड़ा जाए, ताकि आगामी बीज उत्पादन कार्यक्रम सुचारू रूप से संचालित हो सके। किसानों को बीज उत्पादन की प्रक्रिया एवं संबंधित तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल ने सभी बीज प्रबंधकों को शासकीय कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने, ई-ऑफिस के माध्यम से कार्यों का संचालन, जीएसटी एवं टीडीएस संबंधी कार्यों का समय पर निष्पादन, ऑडिट आपत्तियों की पुनरावृत्ति रोकने, गूगल शीट को प्रतिदिन अद्यतन रखने तथा मुख्यालय को भेजी जाने वाली जानकारी एवं आंकड़ों को पूर्ण सावधानी से जांचकर प्रेषित करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने खरीफ एवं रबी फसलों की ग्रेडिंग एवं पैकिंग समय पर पूर्ण करने तथा कार्यालयीन पंजियों को अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया।
अध्यक्ष चंद्राकर ने कहा कि समयबद्ध कार्यप्रणाली एवं वसूली पर विशेष ध्यान देने से बीज निगम की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने पुराने बीज राशि की वसूली, कृषक अंश की प्राप्ति तथा मुख्यालय को भेजे जाने वाले आंकड़ों के सत्यापन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने मैदानी स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान हेतु कलेक्टर की टी.एल. बैठक एवं संबंधित अधिकारियों से समन्वय करने तथा समस्या का समाधान न होने पर मुख्यालय को लिखित रूप से अवगत कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बीज की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने पर भी जोर दिया गया। अमानक बीज पाए जाने की स्थिति में संबंधित संस्था की टेस्ट रिपोर्ट एवं आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अध्यक्ष ने बीज बचत की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कहा कि कृषि विभाग की मांग के आधार पर बीज का भंडारण करते समय पूर्व वर्षों के आंकड़ों को बेंचमार्क मानते हुए आवश्यकता के अनुरूप ही भंडारण किया जाए, ताकि अनावश्यक बीज बचत से निगम को होने वाली वित्तीय क्षति को रोका जा सके।
अध्यक्ष चंद्राकर ने कहा कि बीज निगम द्वारा वसूली, वित्तीय अनुशासन एवं कार्यप्रणाली में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से इसी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य करते हुए बीज निगम को और अधिक सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया।








