राज्योत्सव में महिला सशक्तिकरण और सुपोषित बचपन की प्रेरक तस्वीर

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राज्योत्सव में महिला सशक्तिकरण और सुपोषित बचपन की प्रेरक तस्वीर

रायपुर, 3 नवंबर 2026 : छत्तीसगढ़ राज्य के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यापार परिसर में आयोजित राज्योत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

“सशक्त नारी, युवा उड़ान” थीम पर आयोजित राज्योत्सव में विभाग ने महिला सशक्तिकरण, बाल पोषण, स्वस्थ मातृत्व, महिला सुरक्षा और आजीविका से जुड़े प्रयासों को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया है। प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और विभागीय सेवाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जा रही है।

विभागीय स्टॉल में रेडी-टू-ईट फूड मशीन विशेष आकर्षण का केंद्र है। मशीन के माध्यम से पोषण आहार तैयार करने की प्रक्रिया और इसमें उपयोग की जा रही आधुनिक तकनीक के बारे में आगंतुकों को जानकारी दी जा रही है।

मशीन के प्रदर्शन से लोग पोषण आहार निर्माण के विभिन्न चरणों को समझ पा रहे हैं। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार के लिए पौष्टिक आहार की नियमित उपलब्धता महत्वपूर्ण है। प्रदर्शनी में इस बात को रेखांकित किया गया है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग पोषण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकता है।

पोषण और बाल कल्याण पर केंद्रित पहल

बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, समुचित विकास और कुपोषण की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों को प्रदर्शनी में प्रमुखता से दर्शाया गया है। पोषण अभियान और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित गतिविधियों की जानकारी के साथ यह बताया जा रहा है कि बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य की देखभाल में पोषण सेवाओं की क्या भूमिका है। रेडी-टू-ईट फूड मशीन के प्रदर्शन ने पोषण आहार तैयार करने की तकनीक को लोगों के सामने सरल और व्यावहारिक रूप में रखा है।

आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक पहुंचाई जाने वाली सेवाओं की जानकारी भी स्टॉल पर दी जा रही है। प्रदर्शनी में सुपोषित बचपन को स्वस्थ समाज की नींव के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया जा रहा है।

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल

महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना भी प्रदर्शनी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। स्टॉल के माध्यम से योजना के उद्देश्य और महिलाओं के जीवन में इसके महत्व की जानकारी दी जा रही है। नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति, घरेलू खर्चों में सहयोग और आर्थिक निर्णयों में भागीदारी बढ़ाने का अवसर देती है।

योजना की जानकारी के साथ प्रदर्शनी में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक भागीदारी का संदेश भी सामने रखा गया है। राज्योत्सव में आने वाले आगंतुकों को बताया जा रहा है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के प्रयास परिवार और समाज के समग्र विकास में भी योगदान देते हैं।

महिला समूहों के हुनर को मिल रहा मंच

विभागीय स्टॉल में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं। पारंपरिक बांस शिल्प, अचार-पापड़ और अन्य घरेलू उत्पाद महिलाओं की मेहनत, कौशल और रचनात्मकता को दर्शाते हैं। इन उत्पादों के जरिए महिलाओं की उद्यमशीलता और स्वरोजगार की संभावनाओं को सामने लाया गया है।

महिला समूहों के उत्पाद यह बताते हैं कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक हुनर को आजीविका से जोड़कर महिलाएं अपनी पहचान बना सकती हैं। प्रदर्शनी में इन उत्पादों को स्थान देकर महिलाओं के काम और उनके कौशल को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया है। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

सुरक्षित नारी और स्वस्थ मातृत्व का संदेश

महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रदर्शनी में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से संबंधित जानकारी भी दी जा रही है। सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से संकटग्रस्त महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता और सुविधाओं के बारे में आगंतुकों को बताया जा रहा है। इस जानकारी के जरिए महिलाओं को सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करने और जरूरत के समय उपलब्ध सहयोग तक उनकी पहुंच बनाने का संदेश दिया जा रहा है।

प्रदर्शनी में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए संचालित सेवाओं को भी एक साथ प्रस्तुत किया गया है। इससे आगंतुकों को विभाग के कार्यक्षेत्र और मातृ-शिशु कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की समग्र जानकारी मिल रही है।

राज्योत्सव 2026 में महिला एवं बाल विकास विभाग की यह प्रदर्शनी जनकल्याणकारी योजनाओं, पोषण सेवाओं, महिला सुरक्षा और समूह आधारित आजीविका के प्रयासों को एक सूत्र में जोड़ती है।

रेडी-टू-ईट फूड मशीन के माध्यम से आधुनिक पोषण व्यवस्था की झलक मिलती है, जबकि महतारी वंदन योजना और महिला समूहों के उत्पाद महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को दर्शाते हैं। प्रदर्शनी का संदेश है कि सशक्त नारी, स्वस्थ मातृत्व और सुपोषित बचपन ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला हैं।

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