अम्बिकापुर : राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

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अम्बिकापुर : राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

अम्बिकापुर 04 नवम्बर 2026 : संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा, अंबिकापुर द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आज बुधवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार, प्रशासनिक भवन परिसर, दर्रीपारा, अंबिकापुर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार” रहा।

कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न प्रावधानों, उद्देश्यों एवं दूरगामी महत्व से शिक्षाविदों, प्राध्यापकों एवं विश्वविद्यालय के अधिकारियों को अवगत कराना तथा उच्च शिक्षा में इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सार्थक विमर्श करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात विश्वविद्यालय गीत का गायन किया गया तथा अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेन्द्र लाकपाले जी ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को भारतीय शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि यह नीति शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी, लचीला एवं रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने नीति के प्रावधानों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र में आमंत्रित वक्ता के रूप में प्रो. आर.के. मिश्रा, विभागाध्यक्ष/प्राध्यापक, अंग्रेजी विभाग, राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर तथा प्रो. एस.एन. पाण्डेय, अंग्रेजी विभाग, राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न आयामों, उच्च शिक्षा में इसकी उपयोगिता, संभावनाओं एवं क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

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द्वितीय तकनीकी सत्र में डॉ. रितेश वर्मा, के.आर. टेक्निकल कॉलेज, अंबिकापुर ने “ऑनलाइन सतत आंतरिक मूल्यांकन (CIA) के संचालन हेतु नवाचारपूर्ण प्रणाली” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने तकनीक आधारित मूल्यांकन प्रणाली की उपयोगिता एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में इसकी भूमिका पर विचार साझा किए।

इसके पश्चात प्रवीण अग्रवाल, उपकुलसचिव तथा सी.एल. टंडन, सहायक कुलसचिव द्वारा परिचर्चा आयोजित की गई। इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के व्यावहारिक क्रियान्वयन, प्रशासनिक पहलुओं तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में आवश्यक सुधारों पर सार्थक विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम के अंत में असीम केरकेट्टा द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। तत्पश्चात राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।

इस एक दिवसीय कार्यशाला ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, शैक्षणिक नवाचारों तथा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के संबंध में विचारों एवं अनुभवों के आदान-प्रदान हेतु एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। विश्वविद्यालय ने शिक्षा नीति के उद्देश्यों को साकार करने तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं सकारात्मक बदलाव लाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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