Brijmohan Aggarwal देंगे विधायक पद से इस्तीफा, इस वजह से लिया यह बड़ा फैसला

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Brijmohan Aggarwal will resign from the post of MLA, this is why he took this big decision

रायपुर : लोकसभा चुनाव 2024 खुद में बहुत खास रहा. इस चुनाव में भले ही एनडीए के आंकड़े को छू न पाई हो, लेकिन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा का बहुत बढ़िया प्रदर्शन रहा. जहां एमपी में सभी 29 सीटों पर बीजेपी (BJP) ने जीत हासिल की, वहीं छत्तीसगढ़ में पार्टी ने 11 में से 10 सीटों पर परचम लहराया.

रायपुर से पार्टी के उम्मीदवार बृजमोहन अग्रवाल ने भारी अंतर के साथ जीत हासिल की थी. अब वह अपने विधायक पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं. सोमवार, 17 जून को शाम वह अपना इस्तीफा डॉ. रमन सिंह  को सौपेंगे.

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छत्तीसगढ़ की राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले बृजमोहन अग्रवाल ने पहली बार सांसद के रूप में जीत हासिल की है. इससे पहले वह आठ बार से विधायक रह चुके हैं. इस बार के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी विकास उपाध्याय को लगभग 6 लाख वोटों के भारी अंतर के साथ हराया. अब वह अपने विधायक पद से इस्तीफा देने जा रहे है.

साल 1990 में महज 31 साल की उम्र में पहली बार विधायक बने थे. 1984 में भारतीय जनता पार्टी के सदस्य बने. 1988 से 1990 तक वे भाजयुमो के युवा मंत्री रहे. 1990 में वे पहली बार मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायक बने. इसके बाद से 1993, 1998, 2003, 2008, 2013, 2018 और 2023 में वे लगातार विधायक बनते आ रहे हैं.
प्रदेश राजनीति में है दबदबा

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बृजमोहन अग्रवाल को छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा नाम माना जाता है. वह प्रदेश रणनीति में अहम योगदान देते हैं. इनकी रायपुर में अच्छी धाक मानी जाती है. ऐसे में इस बार बीजेपी ने इस सीनियर नेता पर दांव खेला था. बृजमोहन ने इस सीट से फतह हासिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. विष्णु कैबिनेट में वह मंत्री थे, लेकिन इस्तीफा देने के बाद वह सिर्फ सांसद रह जाएंगे.

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लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक मतों से जीतकर पहली बार सांसद बने मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की मोदी कैबिनेट 3.0 में शामिल होने की भी अटकले चल रही थी. सांसद बनने के बाद उन्हें मंत्री बनाए जाने की बातें हर तरफ हो रही थी. उन्हें अविभाजित मध्य प्रदेश सबसे वरिष्ठ भाजपा विधायकों में से एक माना जाता है. हालांकि, अब वह अपने विधायक पद से इस्तीफा दे रहे हैं.

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