दंतेवाड़ा : वन विभाग की तत्परता से भयभीत माउस डियर का सुरक्षित रेस्क्यू, उपचार उपरांत प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया

0
1
दंतेवाड़ा : वन विभाग की तत्परता से भयभीत माउस डियर का सुरक्षित रेस्क्यू, उपचार उपरांत प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया

दंतेवाड़ा, 19 अगस्त 2026 : वन्यजीव संरक्षण एवं संवेदनशील प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वन विभाग द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे एक भयभीत माउस डियर का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर आवश्यक उपचार एवं देखरेख के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।

माउस डियर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-प् में सूचीबद्ध दुर्लभ एवं संरक्षित वन्यजीव है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुत्तों द्वारा पीछा किए जाने के कारण यह वन्यजीव भयभीत होकर कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक उसका रेस्क्यू किया।

रेस्क्यू के पश्चात पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा माउस डियर का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यक उपचार एवं निगरानी सुनिश्चित की गई। पूर्णतः स्वस्थ पाए जाने के बाद उसे बचेली वन क्षेत्र के उपयुक्त प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से पुनर्वासित किया गया।

वन विभाग ने इस संबंध में आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई जंगली जानवर आबादी क्षेत्र में दिखाई दे या प्रवेश कर जाए, तो उसे पकड़ने, भगाने अथवा उसके निकट जाने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि प्रशिक्षित वनकर्मी सुरक्षित तरीके से वन्य जीव का रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास में पहुंचा सकें। इससे वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here