BIG NEWS: शीर्ष पदों पर महिलाओं की पदोन्नति में कोई भेदभाव नहीं…

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नयी दिल्ली: सरकार ने देश के शीर्ष पदों पर महिलाओं की नियुक्ति में किसी भी प्रकार के भेदभाव के आरोपों से इनकार किया और बुधवार को कहा कि आदित्य योजना की कमान तमिलनाडु की महिला वैज्ञानिक के हाथों में होना और चंद्रयान की उप परियोजना निदेशक कर्नाटक की महिला वैज्ञानिक का होना इसके सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र ंिसह ने लोकसभा में कांग्रेस सदस्य शशि थरूर के एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि महिलाओं की शीर्ष पदों पर पदोन्नति या किसी भी मामले में महिलाओं के साथ भेदभाव की बात सोचना अनुचित है।

ंिसह ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है और उच्च शिक्षा में महिलाओं के प्रवेश में बढ़ोतरी के साथ यह आंकड़ा निकट भविष्य में निश्चित ही 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं के साथ शीर्ष पदों पर पदोन्नति में लैंगिक आधार पर कोई पक्षपात नहीं हो रहा है।

इसका एक अनूठा उदाहरण आदित्य योजना है, जिसकी कमान तमिलनाडु की वैज्ञानिक निगार (शाजी) के पास है, जबकि चंद्रयान-तृतीय की उप परियोजना निदेशक अर्थात दूसरे नंबर के पद पर कर्नाटक की कल्पना (कालाहस्ती) हैं।’’

ंिसह ने कहा कि फिलहाल महिला वैज्ञानिकों का आंकड़ा 18.6 प्रतिशत है, जबकि 25 प्रतिशत अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) परियोजनाओं की कमान महिलाओं के हाथ में है, वहीं उच्च शिक्षा में महिलाओं के दाखिले का प्रतिशत बढक़र 43 तक पहुंच गया है।

थरूर का कहना था कि शीर्ष पदों पर पदोन्नति के मामले में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में तरजीह नहीं दी जा रही है, इसके लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।

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