Chhattisgarh: जंगलों में सर्च के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद,

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सुकमा: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से सटे ओडिशा के मलकानगिर के जंगलों में सर्च के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया है.

ये विस्फोटक नक्सलियों (Naxals) द्वारा डंप किए बताए जा रहे हैं. विस्फोटक ओडिशा की डीवीएफ और एसओजी की संयुक्त टीम ने बरामद किया है. बताया जा रहा है कि नक्सली बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे.

डीवीएफ और एसओजी की टीम को मौके से 12 बोर की बंदूक, 150 नग जिलेटिनि स्टिक, 13 कोडेक्स वायर, 10 किलोग्राम वजनी एक आईईडी बम और 7 किलोग्राम वजनी एक आईईडी के साथ ही कुल 13 आईईडी बम मिला है. विस्फोटकों की बरामदगी ऐसे वक्त में हुई है जब राज्य 3 दिसंबर को छत्तीसगढ़ में वोटों की गिनती होनी है. छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे इलाके में विस्फोटक बरामद किया जाना चिंता का विषय है. बता दें कि 7 और 17 नवंबर को हुए मतदान के दौरान नक्सलियों ने चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश की थी, जिस दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी झड़प भी हुई थी.

जवानों पर हमले के लिए की थी यह तैयारी

बताया जा रहा है कि इलाके तक फोर्स ना पहुंचे इसके लिए नक्सलियों ने जवानों को निशाना बनाने के लिए स्पाइक होल भी बना रखा था, लेकिन जवानों की किस्मत अच्छी रही कि किसी जवान का पैर स्पाइक होल की चपेट में नहीं आया और जवानों ने नक्सलियों का पूरा डंप गोला बारूद बरामद कर लिया. बस्तर संभाग के अंतिम छोर में मौजूद सुकमा जिला नक्सल प्रभावित क्षेत्र है. नक्सलियों के बड़े नेताओं की मौजूदगी हमेशा सुकमा जिले के अंदरूनी इलाकों में में रहती है, इसके साथ ही सुकमा जिले से लगे पड़ोसी राज्य ओडिशा के साथ ही तेलंगाना ,आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के बॉर्डर में भी नक्सलियों की गतिविधि रहती है. इस वजह से साल के 12 महीनों यहां इन राज्यों की पुलिस द्वारा एंटी नक्सल ऑपरेशन जारी रहता है.

ओडिशा पुलिस ने दी यह जानकारी

ओडिशा पुलिस ने भी नक्सलियों से निपटने के लिए स्पेशल फोर्स का गठन किया है. इसी स्पेशल फोर्स के द्वारा मंगलवार को नक्सल ऑपरेशन के दौरान एसओजी और डिवीएफ़ के जवानों को सफलता मिली है, और इन जवानों ने सर्च के दौरान मेंथिली थाना क्षेत्र के तुलसी और किरमिटी गांव से लगे जंगलों में नक्सलियों का डंप विस्फोटक सामान जब्त करने में सफलता हासिल की है. मलकानगिरी के एसपी ने बताया कि नक्सली हमेशा से छत्तीसगढ़ और उड़ीसा से लगे बॉर्डर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में रहते हैं. मुखबिर से सूचना मिली थी कि इलाके में लगातार नक्सलियों की मौजूदगी देखी जा रही है. ऐसे में यहां एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाया गया और बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया है.

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