दिल्ली : मंत्री सत्येंद्र जैन को कोर्ट से बड़ा झटका, जेल में नहीं मिलेगा स्पेशल फूड

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नई दिल्ली : दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तिहाड़ जेल में बंद है. उन्होंने जेल में स्पेशल फूड देने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी. जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है. ऐसे में सत्येंद्र जैन को अब जेल में स्पेशल फूड नहीं मिलेगा. विशेष न्यायाधीश विकास ढाल की अदालत ने सत्येंद्र जैन की याचिका खारिज की है.

बताते चलें कि सत्येंद्र जैन का तिहाड़ जेल से एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें जेल में सूखे मेवे यानी ड्राइ फ्रूट्स खाते देखा गया था. इस पर अब जेल प्रशासन ने कहा है कि कैदियों को रोजमर्रा के आहार में सूखे मेवे नहीं दिए जाते. हालांकि, कैदियों के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें पोषक तत्व दिए जाते हैं.

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पिछले दिनों सत्येंद्र जैन का होटल जैसा खाना खाते हुए एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया था. जिसमें साफ दिख रहा है कि सत्येंद्र जैन को जेल में स्पेशल फूड दिया जा रहा है. वायरल वीडियो में सत्येंद्र जैन भरपूर खाना खाते दिख रहे है. जिस तरह से भोजन की पैकेंजिंग की गई है, उससे लग रहा है कि यह होटल या बाहर का खाना है. जबकि, उनके वकील ने दावा किया था कि उन्हें जेल में उचित भोजन नहीं मिल रहा है.

इससे पहले, इस मामले में दो बार सुनवाई टल चुकी थी. पिछली सुनवाई में जेल प्रशासन ने कोर्ट को बताया था कि सत्येंद्र जैन ने उन्हें नहीं बताया कि वह व्रत पर हैं. उन्हें इसे बारे में लिखकर देना चाहिए था. कोर्ट को जेल प्रशासन ने यह भी बताया था कि हमने कभी सत्येंद्र जैन को स्पेशल डाइट नहीं दी. बल्कि, वे खुद ही खाना खरीदकर खाते थे. जेल प्रशासन ने स्पेशल डाइट को लेकर कहा था कि रमजान और नवरात्र जैसे धार्मिक अवसरों पर ही कैदियों को विशेष आहार दिया जाता है. इनमें फल, बिना अन्न का भोजन और सब्जियां शामिल होती हैं.

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दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन ने याचिका में कहा था कि उन्हें जेल परिसर में जैन आहार और मंदिर नहीं जाने दिया जा रहा है. उन्होंने कहा है कि बिना मंदिर गए वे नियमित भोजन नहीं करते हैं. रोज पहले मंदिर जाते हैं, उसके बाद ही कुछ खाते हैं. जैन ने आगे कहा कि वे उपवास में आहार के रूप में फल-सलाद लेते हैं. उन्होंने कहा, मंदिर गए बिना पके हुए भोजन नहीं करने की धार्मिक परंपरा का पालन करते हैं. इसके चलते जेल में पके हुए भोजन, अनाज और दुग्ध उत्पादों का सेवन नहीं कर रहे हैं.

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