Raipur: प्राणघातक हमला से युवक मौत, पुलिस पर अपराधियों को संरक्षण देने आरोप…

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रायपुर: मेरा एक वर्कशॉप अभनपुर में स्थित है। उक्त वर्कशॉप में मेरा पुत्र खुमेश्वर साहू (मृतक) बैठता था मेरे वर्कशॉप के दो दुकान के बाद आरोपीगण निहाल सिंग वैगरहा का वर्कशॉप है। घटना दिनांक के पूर्व आरोपीगण हमारे दुकान से कीट ले जाते थे जिससे हमारे दुकान को आर्थिक क्षति होती थी, जिस पर मैने अपने पुत्र मृतक खुमेश्वर साहू को आरोपीगण को टूलकीट देने से मना किया था, तब मेरे पुत्र द्वारा आरोपीगण को टूलकीट देने से मना कर दिया था तब घटना दिनांक 22.06.2022 के दो-तीन दिन पूर्व आरोपीगण मेरे पुत्र मृतक खुमेश्वर साहू को देख लेने की धमकी दिया था। उसके पश्चात दिनांक 22.06.2022 को मृतक खुमेश्वर साहू के साथ घटना को अंजाम दिया गया है।

घटना दिनांक 22.06.2022 को मृतक के मोबाईल पर किसी अज्ञात व्यक्ति का रात्रि लगभग 9.00 बजे के आस-पास कॉल आया था तब मेरा पुत्र खुमेश्वर साहू दुकान जा रहा था। खुमेश्वर साहू के दुकान पहुंचने के पूर्व सारखी मोड़ के पास आरोपीगण मेरे पुत्र खुमेश्वर साहू के सिर पर किसी हथियार से प्राण घातक हमला किया जिससे मृतक के सिर में चोट आयी थी। उक्त बातें मृतक खुमेश्वर साहू द्वारा अपनी माता तथा मुझे बताया था। मृतक को आयी चोटों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट कर रही है।

थाना अभनपुर की पुलिस ने मृतक का बयान मृत्यु के पूर्व तक नहीं लिया या घटना के पश्चात से मृतक खुमेश्वर साहू का उपचार लगातार सरकारी अस्पताल अभनपुर, सोनी अस्पताल अभनपुर, विग्नेश अस्पताल, श्री नारायणा अस्पताल एवं डी.के.एस रायपुर में चला तत्पश्चात दिनांक 02.02.2023 को रायपुर में मृत्यु हो गया। थाना अभनपुर की पुलिस ने आरोपीगण के प्रभाव में आकर आरोपीगण के विरुद्ध पारा 297, 323 भा.द.वि. का मामला पंजीबद्ध कर सिविल कोर्ट रायपुर में अभियोग पत्र पेश कर दिया है।

घटना के पूर्व आरोपीगण द्वारा मृतक खोमेश्वर साहू को देख लेने एवं अंजाम भुगतान की धमकी दिया था तथा आरोपीगण खुन्नस निकालने की नियत से मृतक खुमेश्वर साहू पर योजना बनाकर हत्या का प्रयास करते हुये हमला किया तथा उक्त हमला के पश्चात मृतक खुमेश्वर साहू का लगातार उपचार होने के दौरान मृत्यु दिनांक 02.02.2023 को हो गया।

थाना अभनपुर की पुलिस द्वारा लापरवाहीपूर्वक विवेचना करते हुये आरोपीगण के विरूद्ध धारा 279, 337 भा.द.वि. का मामला पंजीबद्ध कर आरोपीगण को संरक्षण देने का प्रयास किया जबकि आरोपीगण के विरुद्ध हत्या का प्रयास में धारा 307 भा.द.वि. एवं धारा 302 भा.द.वि. का मामला पंजीबद्ध होना चाहिये।

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