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जम्मू कश्मीर : तीन आतंकियों की करोड़ों की संपत्ति कुर्क

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ एक और सख्त कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में सक्रिय तीन आतंकियों की 14.8 कनाल जमीन को कुर्क कर लिया है। यह ज़मीन पुंछ जिले में स्थित है और इसकी अनुमानित कीमत 28 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इस कदम को आतंकवाद के इकोसिस्टम को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

जिन तीन आतंकियों की संपत्ति कुर्क की गई है, उनके नाम नजब दीन, मोहम्मद लतीफ और मोहम्मद बशीर उर्फ ​​टिक्का खान हैं। ये तीनों आतंकी फिलहाल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में छिपे हुए हैं और वहीं से जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचते हैं। इन पर आरोप है कि ये लंबे समय से घाटी में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, शांति भंग कर रहे हैं और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने में सक्रिय रूप से शामिल हैं।

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पुंछ पुलिस ने 2022 में दर्ज एक मामले के तहत कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर इस ज़मीन को कुर्क किया। पुंछ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शफकत हुसैन ने बताया कि यह कदम आतंकियों को आर्थिक रूप से कमजोर करने और घाटी में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। SSP शफकत हुसैन ने सख्त लहजे में कहा, “हम जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। जो भी व्यक्ति आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होगा या समाज की शांति भंग करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

इस कार्रवाई का सीधा असर आतंकियों की फंडिंग और उनके सपोर्ट नेटवर्क पर पड़ेगा। जब आतंकियों की संपत्तियों को कुर्क किया जाता है, तो इससे उनकी आर्थिक ताकत कमजोर होती है। इससे न केवल उनकी गतिविधियों पर लगाम लगती है, बल्कि उनके सहयोगियों को भी कड़ा संदेश जाता है कि आतंकवाद का समर्थन करने की सजा क्या हो सकती है। कुर्की एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत किसी व्यक्ति की संपत्ति को सरकार अपने नियंत्रण में ले लेती है। इसका मतलब है कि अब इस संपत्ति पर आतंकियों का कोई अधिकार नहीं रहेगा और वे इसका किसी भी तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा, सरकार इस संपत्ति का इस्तेमाल जनता के हित में कर सकती है या इसे किसी अन्य तरीके से प्रबंधित कर सकती है।

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नजब दीन, मोहम्मद लतीफ और मोहम्मद बशीर जैसे आतंकी POK में बैठकर लगातार जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने की साजिशें रचते रहे हैं। ये लोग सीमा पार से घुसपैठ, हथियारों की सप्लाई और स्थानीय युवाओं को बरगलाने जैसे कामों में शामिल रहे हैं। भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर पुलिस इन आतंकियों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है। इससे पहले भी कई बार आतंकियों की संपत्तियों को जब्त किया गया है और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार की इस नीति का मकसद साफ है — आतंकवाद के इकोसिस्टम को पूरी तरह ध्वस्त करना और जम्मू-कश्मीर में स्थाई शांति कायम करना।

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