राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक कमल किशोर सोन पहुंचे सुकमा और दंतेवाड़ा

0
21
राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक कमल किशोर सोन पहुंचे सुकमा और दंतेवाड़ा

रायपुर, 4 मई 2026 : भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन संचालक कमल किशोर सोन ने सुकमा और दंतेवाड़ा का दौरा कर जल जीवन मिशन के कार्यों को देखा। उन्होंने सुकमा जिले के डोडपाल और फायदागुड़ा, तथा दंतेवाड़ा जिले के भूसारास पहुंचकर हर घर नल से जल की आपूर्ति देखी। उन्होंने गांववालों से मिलकर और उनसे चर्चाकर पेयजल की गुणवत्ता की जानकारी भी ली।

सोन ने जिला मुख्यालय सुकमा में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के कलेक्टरों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने गर्मियों में पेयजल संकट की स्थिति और इससे निपटने के उपायों की भी समीक्षा की।

उन्होंने बैठक में कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रीष्म काल में किसी भी परिवार को पानी की दिक्कत नहीं होना चाहिए। जल जीवन मिशन के तहत नल से जल की आपूर्ति की योजना से कोई भी गांव वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि गांवों और दूरस्थ अंचलों में हर घर स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना मिशन का प्राथमिक लक्ष्य है।

डोडपाल में नल जल योजना के संचालन, जल वितरण प्रणाली तथा पानी की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया का किया अवलोकन

केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक कमल किशोर सोन ने सुकमा जिले के ग्राम डोडपाल पहुंचकर जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित पानी टंकी का निरीक्षण किया। उन्होंने सरपंच बिज्जो वेट्टी से मिलकर पेयजल व्यवस्था की स्थिति और जल की गुणवत्ता की जानकारी ली। सरपंच ने उन्हें बताया कि योजना शुरू होने के बाद अब ग्रामीणों को पेयजल के लिए हैंडपंप पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। घर-घर स्वच्छ पानी की आपूर्ति हो रही है।

निरीक्षण के दौरान सोन ने योजना के संचालन, जल वितरण प्रणाली तथा पानी की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने बारिश के दिनों में नियमित रूप से अधिक जल परीक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को हर समय सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने ग्रामीणों को पानी की बचत और जल का अपव्यय रोकने के लिए जागरूक भी किया।

फायदागुड़ा में सोलर पेयजल योजना का किया निरीक्षण

राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक कमल किशोर सोन ने सुकमा जिले में दुब्बाटोटा ग्राम पंचायत के ग्राम फायदागुड़ा में सोलर पंप आधारित पेयजल योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने पानी टंकी एवं स्टैंड पोस्ट का अवलोकन कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सरपंच श्रीमती परसेक दुले से जल जीवन मिशन के कार्यों पर चर्चा कर गांव की जनसंख्या, पानी टंकी के संचालन की तिथि तथा पूर्व में ग्रामीणों के पेयजल स्रोतों के बारे में जानकारी ली।

सोन ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कहा कि कोई भी गांव जल जीवन मिशन की योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी ग्रामीणों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने जल संचय पर विशेष ध्यान देने की बात कही तथा सरपंच एवं सचिवों को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल में लॉग-इन कर समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर गांव में एक व्यक्ति को प्रशिक्षित कर मिशन के कार्यों में सक्रिय भूमिका देने और स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने नियमित अंतराल में पानी टंकी की सफाई व अन्य सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए।

सोन ने ग्रामीणों को जल संचयन और जलस्रोतों की सस्टेनिबिलिटी (Sustainability) के बारे में जागरूक किया। दोनों गांवों में निरीक्षण के दौरान सुकमा के कलेक्टर अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक ओंकेश चंद्रवंशी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता जी.एल. लखेरा और अधीक्षण अभियंता कैलाश मढ़रिया भी मौजूद थे।

भूसारास में घर-घर जाकर जल आपूर्ति देखी, अपने सामने जल की गुणवत्ता का कराया परीक्षण, ‘जल अर्पण’ कर ग्राम पंचायत को सौंपी योजना के संचालन की जिम्मेदारी

दंतेवाड़ा के भूसारास में भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव कमल किशोर सोन ने घर-घर जाकर 2 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत से तैयार नल जल योजना द्वारा जल की आपूर्ति देखी। उन्होंने ग्रामीणों और जल बहिनियों से संवाद कर योजना के संचालन व पानी की गुणवत्ता को लेकर उनके अनुभव जाने। उन्होंने जल बहिनियों से अपने सामने पानी की गुणवत्ता का परीक्षण भी कराया जिस पर वे संतुष्ट दिखे।

सोन ने सरपंच को ‘जल अर्पण’ कर नल जल योजना के संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से ग्राम पंचायत को सौंपी। सरपंच मंडावी ने इस दौरान कहा कि जल जीवन मिशन ने पूरे गांव को पेयजल की समस्या से मुक्ति दिला दी है। इससे गांववालों के जीवन स्तर में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव महसूस किया जा रहा है।

सोन ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए इस बात पर विशेष जोर दिया कि भविष्य में भी योजना का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि हर घर तक शुद्ध जल की सतत उपलब्धता बनी रहे। दंतेवाड़ा के कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, अतिरिक्त मिशन संचालक ओंकेश चंद्रवंशी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता कैलाश मढ़रिया और कार्यपालन अभियंता जगदीश कुमार भी इस दौरान उपस्थित थे।

कलेक्टरों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों के साथ गर्मियों में पेयजल संकट की स्थिति और इससे निपटने के उपायों की भी समीक्षा की

राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक कमल किशोर सोन ने जिला मुख्यालय सुकमा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने गर्मियों में पेयजल संकट की स्थिति और इससे निपटने के उपायों की भी समीक्षा की। बैठक में राज्य में पेयजल की व्यवस्था तथा गर्मियों में उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जल जीवन मिशन के राज्य संचालक जितेन्द्र शुक्ला और बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह भी बैठक में शामिल हुए।

सोन ने बैठक में सभी कलेक्टरों से जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की वर्तमान स्थिति, उनकी प्रगति, कार्य में आ रही समस्याओं तथा उनके निराकरण के लिए बनाई गई कार्ययोजना की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल की समस्या वाले क्षेत्रों को चिन्हांकित कर समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रत्येक गांव में कम से कम एक व्यक्ति को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए, जिससे जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित बोर, सोलर पंप एवं पेयजल व्यवस्था में आने वाली छोटी तकनीकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही समाधान किया जा सके। उन्होंने जल सेवा आकलन के माध्यम से ऐसे परिवारों एवं क्षेत्रों को चिन्हांकित करने को कहा जो अब तक योजना के लाभ से वंचित हैं।

सोन ने आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा वहां पानी की कमी न होने देने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टरों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ग्राम पंचायत विकास योजना के अंतर्गत जल संबंधी कार्यों की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here