कश्मीर- गुलमर्ग रोपवे बीच रास्ते में थमा, बच्चों-बुजुर्गों समेत 300 सैलानी हवा में फंसे

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कश्मीर- गुलमर्ग रोपवे बीच रास्ते में थमा, बच्चों-बुजुर्गों समेत 300 सैलानी हवा में फंसे

नई दिल्ली: पर्यटन स्थल गुलमर्ग से एक परेशान करने वाली खबर है। सोमवार को दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे केबल कार रोपवे (गुलमर्ग गोंडोला) में अचानक कोई तकनीकी गड़बड़ी आ गई। इस खराबी के कारण रोपवे का संचालन पूरी तरह ठप हो गया और सारे केबिन जहाँ के तहाँ रुक गए। इस हादसे की वजह से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत 300 से अधिक पर्यटकों की सांसें हवा में अटक गईं।

कई पर्यटक घबराकर रोने और चिल्लाने लगे। घटना की सूचना मिलते ही श्रीनगर से स्पेशल रेस्क्यू टीमें मौके पर भेजी गई हैं। रोपवे पर 62 केबिनों (ट्रॉली) में से 10 को खाली करा लिया गया है। कई लोगों को रस्सियों के सहारे नीचे उतारा।

श्रीनगर और गुलमर्ग गोंडोला की दूरी 51 किमी है। सेना के साथ SDRF-NDRF टीमें भी मौके पर मौजूद हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यह जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग को अफरवात पीक से जोड़ता है। इसमें कुल 108 केबिन कार हैं। एक बार में एक केबल कार में 6 लोग बैठ सकते हैं।

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घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा- सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी केबिन और उसमें फंसे पर्यटक सुरक्षित हैं। लोगों को बाहर निकालने के लिए प्रशिक्षित टीमें ऑपरेशन चला रही हैं। घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा- केबल कार के केबिनों में फंसे पर्यटकों के रेस्क्यू ऑपरेशन पर मैं नजर रख रहा हूं। मैंने DGP को घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया है। पुलिस, सेना, SDRF, डीसी और SSP की जॉइंट टीम मौके पर मौजूद है।

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गुलमर्ग रोपवे एशिया का सबसे ऊंचा और सबसे लंबा केबल कार प्रोजेक्ट है। यह दुनिया की दूसरी सबसे लंबी और दूसरी सबसे ऊंची केबल कार है। यह दो फेज में गुलमर्ग के आधार से कोंगदोरी और फिर अफरवत चोटी तक जाती है।

यहां से बर्फीली चोटियों के शानदार नजारे दिखाई देते हैं। गुलमर्ग गोंडोला देश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिना जाता है और गर्मियों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि, घटना के बाद सुरक्षा मानकों और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

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