रायपुर, 07 मई 2026 : किसी भी राज्य की प्रगति का सशक्त आधार उसकी महिलाओं की स्थिति होती है। जब महिलाएं आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से सशक्त होती हैं, तब विकास की प्रक्रिया न केवल तीव्र होती है बल्कि समावेशी भी बनती है।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित ‘महतारी वंदन योजना’ इसी समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में स्थापित हो चुकी है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ के उस संकल्प को भी साकार कर रही है, जिसमें महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की स्पष्ट प्रतिबद्धता दिखाई देती है।
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महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। मार्च 2024 में प्रारंभ इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत अब तक 27 किस्तों में कुल 17,523 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। यह आंकड़ा केवल आर्थिक सहायता का प्रतीक नहीं, बल्कि राज्य सरकार की उस संवेदनशील सोच का परिचायक है, जो महिलाओं को सशक्त बनाकर समाज को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित भी करती है। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से सामने आ रही प्रेरक कहानियां इस तथ्य को प्रमाणित करती हैं कि यदि सही दिशा और अवसर मिले, तो महिलाएं अपने जीवन की तस्वीर स्वयं बदल सकती हैं।
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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड के ग्राम मझगंवा की हेमा सिंह इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने योजना से प्राप्त राशि को खर्च करने के बजाय बचत और निवेश का माध्यम बनाया। धीरे-धीरे उन्होंने एक छोटा किराना स्टोर प्रारंभ किया, जो आज उनके परिवार की आय का स्थायी स्रोत बन चुका है। उनकी यह यात्रा बताती है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिवर्तन का आधार बन सकते हैं।
इसी प्रकार अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम रामनगर की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की करियो ने योजना की राशि से बकरी पालन प्रारंभ कर आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाया है। आज उनके पास कई बकरियां हैं और यह कार्य उनके परिवार की आजीविका का मजबूत आधार बन गया है। उनके जीवन स्तर में आया सकारात्मक बदलाव इस योजना की प्रभावशीलता को स्पष्ट करता है।
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वहीं मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम झाफल की गौरी राजपूत इस योजना से प्राप्त राशि का उपयोग अपनी शिक्षा में कर रही हैं। उनके लिए यह योजना केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि अपने सपनों को साकार करने का माध्यम बन गई है।
इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान किया है। महिलाएं अब इस राशि का उपयोग स्वरोजगार, शिक्षा, पशुपालन एवं पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति में कर रही हैं, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई धारा प्रवाहित हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई ‘गारंटी’ का मूल भाव यही है कि देश की हर महिला को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जाए। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना इसी गारंटी का सशक्त क्रियान्वयन है, जो केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला सशक्तिकरण को राज्य के विकास का मूल आधार माना है, वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से इसे जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आज महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की एक सुदृढ़ नींव बन चुकी है। यह योजना महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सक्षम बना रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान कर रही है।
निस्संदेह, ‘महतारी वंदन योजना’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ की महिलाओं के जीवन में एक नई सुबह लेकर आई है। यह पहल आने वाले समय में प्रदेश के समग्र, संतुलित और समावेशी विकास की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगी।








