रायपुर में लैंगिक संवेदनशीलता पर एक दिवसीय संगोष्ठी: ‘एक कदम समानता की ओर’

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One-day seminar on gender sensitivity in Raipur: 'A Step Towards Equality'

रायपुर : संत गोविंद राम शदाणी, शास. कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, देवेंद्र नगर, रायपुर में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन पी.एम. उषा के अंतर्गत संपन्न हुआ जिसका शीर्षक “लैंगिक संवेदनशीलता”_ एक कदम समानता की ओर- आयोजित किया गयाl कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन से की हुई…

रायपुर में लैंगिक संवेदनशीलता पर एक दिवसीय संगोष्ठी: 'एक कदम समानता की ओर'

उक्त कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. प्रिया राव वरिष्ठ प्राध्यापक विधि विभाग, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर थींl महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उषा किरण अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि अपने ज्ञान का प्रचार- प्रसार करना और समाज को जागरूक करना ही हमारे उत्तरदायित्व का बोध कराता हैl

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माता-पिता द्वारा संस्कारगत शिक्षा देना ही संवेदनशीलता की पहली सीढ़ी है, आज आवश्यकता इस बात की है कि छात्राओं में भावनात्मक मजबूती, वैचारिक दृढ़ता के साथ-साथ दया और करुणा के भाव भी हो..

मुख्य वक्ता डॉ. प्रिया राव ने अपने उद्बोधन में कहा कि सामाजिक सहभागिता निभाने के लिए कानूनी अधिकारों की वांछित जानकारी बहुत जरूरी है लैंगिक संवेदनशीलता और महिला संबंधी कानूनी जानकारी साझा करना भी आज के संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य है..रायपुर में लैंगिक संवेदनशीलता पर एक दिवसीय संगोष्ठी: 'एक कदम समानता की ओर'

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स्त्रियों के प्रति हो रहे पक्षपाती व्यवहार की शुरुआत घर और परिवार से ही होती है जो एक स्वस्थ समाज के लिए नुकसानदायक है “सामाजिक बदलाव घरेलू व्यवहार से ही लाए जा सकते हैं”, महिला सुरक्षा संबंधी अनेक कानून आ रहे हैं जिससे उनके सुरक्षा ,सम्मान और आत्मनिर्भरता में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी ओर इनके कानूनी दुरुपयोग भी समाज को विकृति की ओर ले जा रहे हैं, इसे रोकने के लिए स्वस्थ वैचारिक बहस आवश्यक है..

डॉ. राव ने विवाह को एक सामाजिक संस्कार के साथ-साथ एक जिम्मेदारी भी माना और समाज में हो रहे क्रूरता के अनेक पक्षों का उल्लेख कर छात्रों को जागरूक रहने के उपाय भी उन्होंने सुझाएl कानून का सम्मान करना, उसे कभी भी अपने हाथों में ना लेना भी एक तरह से समाज एवं राष्ट्र सेवा ही है..

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छात्रों को वैचारिक रूप से अद्यतन रहने के लिए समाचार- पत्र पढ़ने, कंप्यूटर सीखने, सामाजिक घटनाओं पर पैनी दृष्टि रखने आदि बातों से वे सफलता के मार्ग पर अग्रसर हो सकते हैl कानूनी प्रावधान पर भी डॉ. राव ने विस्तार से चर्चा की साथ ही छात्राओं की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया…

“संवेदनशीलता बहुत सारी समस्याओं का स्वतः निराकरण कर देता हैl”कार्यक्रम का सफल संचालन पूजा रंजना यादव ने किया, कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सुषमा तिवारी, विभाग अध्यक्ष अंग्रेजी एवं सह-संयोजक डॉ. संगीता झा एवं पूजा रंजना यादव थीl प्राचार्य डॉ. अग्रवाल ने डॉ.राव को स्मृति चिन्ह प्रदान किया, अंत में संगोष्ठी में निबंध- लेखन, नारा- लेखन एवं पोस्टर मेकिंग के प्रतिभागियों को पुरस्कार दिया गया..

नारा- लेखन में प्रथम स्थान डी. त्रिवेणी MA प्रथम सेमेस्टर समाजशास्त्र , द्वितीय स्थान- jainav val बीएससी पंचम सेमेस्टर रहीं इसी प्रकार निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर कुमारी रत्न प्रभा बीए थर्ड सेमेस्टर एवं द्वितीय स्थान पर कुमारी चंचल नेकहा बीएससी 5th सेमेस्टर रही, उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त वरिष्ठ प्राध्यापक, कर्मचारी एवं अधिकारी गण उपस्थित थे, छात्राओं ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ संगीता झा ने किया |

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